बारामूला: पीडीपी के युवा कार्यकर्ताओं ने रोजगार के मुद्दे को लेकर किया विरोध प्रदर्शन, कई हाउस अरेस्ट

बारामूला: पीडीपी के युवा कार्यकर्ताओं ने रोजगार के मुद्दे को लेकर किया विरोध प्रदर्शन, कई हाउस अरेस्ट

बारामूला, 30 जून (आईएएनएस)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने जम्मू-कश्मीर के बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नौकरियों की आउटसोर्सिंग और लगभग 25,000 बैकडोर नियुक्तियों का आरोप लगाया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पीडीपी के युवा नेता यासिर नाइक ने किया।

वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस विरोध प्रदर्शन का जिक्र अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पोस्ट में किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि मैं सभी पीडीपी कार्यकर्ताओं और खासकर हमारी यूथ विंग का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने पुलिस की सख्ती, हिरासत और नजरबंदी के बावजूद नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की बैकडोर नियुक्तियों (चोरी-छिपे की गई नियुक्तियों) के खिलाफ आज का विरोध प्रदर्शन हिम्मत के साथ किया।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सत्ता के सामने सच बोलना कभी आसान नहीं होता, लेकिन, आपके दृढ़ संकल्प और हिम्मत ने यह दिखा दिया है कि किसी भी तरह की धमकी न्याय की आवाज़ को दबा नहीं सकती।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यासिर नाइक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बाततचीत में कहा कि हर डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर में हमारा विरोध प्रदर्शन था। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जिस तरह से 25 हजार नौकरियों को आउटसोर्स करने का काम किया है, उसी को देखते हुए हमने यह विरोध प्रदर्शन आहूत किया।

उन्होंने कहा कि हमने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बुलाया। लोकतंत्र में हमारा मौलिक अधिकार विरोध प्रदर्शन करना है, लेकिन हमारे जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। अन्य जिलों में भी हमारे वरिष्ठ नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमें इसलिए हाउस अरेस्ट किया गया है, क्योंकि हम सिर्फ अपनी बात रखना चाहते हैं। आज नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हमें हाउस अरेस्ट करके यह साबित कर दिया है कि वो गलत है और हम सही हैं। हमारा सीधा-सा कहना है कि आप लोग बाहर से लोगों की नियुक्ति नहीं करेंगे, आउटसोर्स नहीं करेंगे, क्योंकि हमारे यहां पर जेकेपीएससी है तो आप उसके माध्यम से लोगों को क्यों नौकरियां नहीं देंगे। आखिर आप क्यों करोड़ों रुपए में निजी एजेंसियों को हायर करेंगे और इसके बाद बंद कमरे में ये फैसला लेंगे कि किसे नौकरी में रखना है और किसे नहीं।

यासिर नाइक ने कहा कि जिन लोगों ने दिन रात मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है, जिनके माता पिता ने अपने बच्चों पर पैसा लगाया है, आखिर वो कहां जाएंगे? क्या हम उनकी आवाज नहीं उठाएंगे? क्या ये हमारा हक नहीं है? हमारा सीधा सा कहना है कि आखिर आपकी क्या प्रक्रिया है? आखिर आप क्यों बंद कमरे में फैसले ले रहे हैं? क्या हमारे पास जेकेपीएससी नहीं था? आखिर क्यों निजी एजेंसियों का सहारा लेकर आप लोगों को नियुक्त करेंगे? इसी को लेकर हमने विरोध प्रदर्शन बुलाया है।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। हम यहां पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बावजूद हमारे वरिष्ठ नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इस तरह से नहीं चलेगा। हम नौजवानों की आवाज के पक्ष में उठाते रहेंगे। हम रोजगार की बात करते रहेंगे।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी