बिहार: जमुई घटना को लेकर तेजस्वी ने सरकार पर साधा निशाना, मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को गोली लगने पर उठाए सवाल

बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पर निशाना
बिहार:

पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रेस वार्ता कर जमुई की घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके पूर्व के एक बयान के संदर्भ में इस्तीफे की मांग की। वहीं, उन्होंने रोहतास के सासाराम मंडल कारा में एक विचाराधीन बंदी की मौत को लेकर भी न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई की घटना बेहद गंभीर और शर्मनाक है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में महिलाएं और बच्चियां खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने सरकार के कुछ नेताओं के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें ऐसी घटनाओं को कथित तौर पर 'छिटपुट' या 'इंडिविजुअल' घटना बताया गया है। तेजस्वी ने कहा कि ऐसे मामलों को किसी भी परिस्थिति में सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

जमुई मामले में उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस के अनुसार घटना में सात-आठ लोग शामिल थे, इसलिए सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मंगलवार को पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ हुई और आरोपी घायल हुआ। मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

मुठभेड़ की कार्रवाई पर भी तेजस्वी यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पुलिस मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया क्या थी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन हर कार्रवाई की जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

इस मामले में उन्होंने पुलिस की भूमिका, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि जमुई की घटना के साथ-साथ पिछले दिनों महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ सामने आई अन्य घटनाओं को भी गंभीरता से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पास विभिन्न अखबारों में प्रकाशित खबरों की कटिंग हैं और सरकार को बताना चाहिए कि इन मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।

प्रेस वार्ता में तेजस्वी ने सासाराम मंडल कारा में एक कैदी की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक को मद्यनिषेध मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और बाद में उसकी मौत हो गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कैदी को 13 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और 15 सितंबर को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के चाचा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि जेल में उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी परिवार को मिली थी, लेकिन बाद में अस्पताल में उसकी मौत की सूचना दी गई।

परिवार ने पूरे मामले की न्यायिक जांच, जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। तेजस्वी यादव ने बिहार में कथित हिरासत में मौतों के आंकड़ों का भी हवाला दिया।

तेजस्वी ने सरकार पर तबादला-पोस्टिंग में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए और कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध तथा हिरासत में मौत जैसे मामलों में सरकार को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से जमुई मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ितों को सुरक्षा और पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की मांग की।

--आईएएनएस

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