पटना, 19 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लोक भवन तक मार्च का नेतृत्व करेंगे। मार्च से पहले सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक दिखावा और अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश बताया है।
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव के मार्च को ‘करियर बचाओ मार्च’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के नाते तेजस्वी यादव को विधानसभा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
सरावगी ने दावा किया कि बिहार सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून पहले ही पारित कर चुकी है। उन्होंने राजद के पुराने शासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी ने पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान के लिए क्या किया।
बिहार सरकार मंत्री राम कृपाल यादव ने भी तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए मार्च कर रहे हैं। उनके मुताबिक, तेजस्वी के हालिया विदेश दौरे से लौटने के बाद उनकी पार्टी के भीतर भी उनकी निष्क्रियता को लेकर असंतोष है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित रैली को लेकर भी पार्टी और एनडीए के नेताओं ने तैयारियों का संकेत दिया है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि कार्यक्रम को आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दिया जा रहा है, लेकिन नीतीश कुमार लगातार बिहार के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश की छवि पूरे बिहार पर नजर रखने वाले नेता की बनी हुई है और वे लोगों का हाल जानने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बढ़ा रहे हैं।
बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा को जनता से सीधे संवाद का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार दो दशक से अधिक समय से जनता के समर्थन के साथ काम कर रहे हैं और बिहार में विकास एवं खुशहाली लाने का काम किया है। उनके अनुसार, नीतीश पहले भी लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर जनता की समस्याएं समझते और उनके आधार पर योजनाएं तैयार करते रहे हैं।
पेपर लीक का मुद्दा केवल बिहार तक सीमित नहीं है। कोलकाता में झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर मंत्री दिलीप घोष ने भी प्रश्न-पत्र लीक होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह सवाल उठाना बिल्कुल उचित है कि बार-बार प्रश्न-पत्र क्यों लीक हो रहे हैं। उन्होंने मामले में कहीं न कहीं गड़बड़ी होने की आशंका जताते हुए इसकी पहचान कर जांच कराने की मांग की।
बिहार में दूसरी ओर रोजगार को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी जारी है। जॉब फेयर पर राम कृपाल यादव ने विपक्ष पर ‘नाटक’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर रही है और करीब 20 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए काम किया जा रहा है।
--आईएएनएस
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