पटना, 3 जुलाई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बॉर्डर एरिया के 7 जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जुड़े।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन एवं भारत-नेपाल संबंधित मुद्दों पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। किशनगंज, मधुबनी एवं पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्व में दिए गए निर्देश के आलोक में की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी, साथ ही अपने-अपने सुझाव भी साझा किए। एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स, इनकम टैक्स के अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव एवं विभाग से संबंधित की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। बैठक में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, सीमा प्रबंधन, अतिक्रमण, साइबर अपराध, नागरिकता संबंधी मामले, लंबित कार्यों तथा आधारभूत संरचना विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों को लेकर सभी अधिकारी एवं एजेंसियां अच्छे ढंग से कार्य कर रही हैं। आज की बैठक में अब तक की गई कार्रवाई एवं विभिन्न गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री के स्तर पर, मेरे स्तर पर, मुख्य सचिव तथा डीजीपी के स्तर पर भी इसको लेकर नियमित बैठकें की जाती रही हैं। बैठकों में जो निर्णय लिए गए हैं उससे संबंधित कई कार्यों को पूर्ण किया गया है। सभी लोग समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ बचे हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है। इस सीमा पर बिहार के 7 जिले, 70 पुलिस थाना एवं एसएसबी के 194 बीओपी अवस्थित हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर कोई भी गैर कानूनी एवं अनैतिक कार्य न हो, इसे सभी सुनिश्चित करें। सभी थाना प्रभारी अच्छे ढंग से काम करें, कोई गड़बड़ी न हो, इसका ध्यान रखें। भारत-नेपाल संबंध को बेहतर बनाए रखते हुए सीमा क्षेत्र में सभी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें। सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। आर्थिक अपराधों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किशनगंज जिले में ऐसे 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान की जाए, जहां उर्दू विद्यालय की स्थापना की जा सके। उर्वरक एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये जिला प्रशासन, पुलिस एवं सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर ऐसे व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन किया जाए, जिनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई हो, ऐसे मामलों की पूरी जानकारी संकलित कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।
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