बिहार: पाकिस्तान से कथित संपर्क के आरोप में दो गिरफ्तार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

बिहार: पाकिस्तान से कथित संपर्क के आरोप में दो गिरफ्तार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

सीतामढ़ी, 15 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के सीतामढ़ी जिला पुलिस ने संदिग्ध नेटवर्क से कथित संपर्क रखने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क और पाकिस्तान स्थित संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। हालांकि, इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच अभी जारी है।

सीतामढ़ी पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में छापेमारी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बरामद मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप, विदेशी मोबाइल नंबरों से संपर्क तथा पाकिस्तान स्थित संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपियों के विरुद्ध देश विरोधी गतिविधियों की योजना बनाने से संबंधित सामग्री सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच कराई जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। पुलिस ने बरामद सामग्रियों को विधिवत जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में गाढ़ा थाना कांड संख्या 78/26 दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टकोर गांव निवासी मो. अखलाख (29) और मो. अरमान (28) के रूप में हुई है। दोनों गाढ़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच विभिन्न स्तरों पर जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी जांच पूरी होने के बाद प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्यों की सत्यता और आरोपियों के संभावित संपर्कों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।

--आईएएनएस

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