पटना, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी रविवार को भोजपुर के बिलौटी गांव पहुंचे और दिवंगत भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि परिजनों की बातों को गंभीरता से सुना है और पूरे मामले से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अवगत कराया जाएगा।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि वह पहले भी परिवार से मिलना चाहते थे, लेकिन भरत तिवारी के निधन के बाद परिवार में धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रम चल रहे थे। इसी कारण उन्होंने तेरहवीं संस्कार संपन्न होने के बाद ही परिवार से मिलने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, "आज हम भरत तिवारी के पिता काशीनाथ और उनकी माता से मिले हैं। उनकी बातें सुनी हैं और कई ऐसी जानकारियां मिली हैं, जिनकी पहले जानकारी नहीं थी। इन सभी तथ्यों से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।"
उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि वह स्वयं किसी प्रकार का गलत कार्य करते हैं या विवाद खड़ा करते हैं तो उसकी जिम्मेदारी उनकी व्यक्तिगत होगी, न कि मुख्यमंत्री या सरकार की।
डीएसपी के तबादले को लेकर चल रही चर्चाओं पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि उनका प्रमोशन नहीं हुआ है, बल्कि लोगों की नाराजगी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनका तबादला किया गया है ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं कर सकें। सरकार ने आरोपों को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
अशोक चौधरी ने बताया कि भरत तिवारी की माता ने उन्हें विस्थापितों से जुड़े लगभग 1,400 करोड़ रुपए के मामले की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पूरी जानकारी जुटाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे और उनके पास कई महत्वपूर्ण जानकारियां थीं।
मंत्री ने कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद द्वारा उठाए गए सवालों के साथ-साथ वह इस बात की भी जानकारी लेंगे कि कथित मुठभेड़ के दौरान मौके पर एसडीएम की क्या भूमिका थी और वे वहां क्यों मौजूद थे? उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच समिति के अध्यक्ष से भी मुलाकात कर पूरे मामले पर चर्चा करेंगे और इसके बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा संबंधित अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे। बता दें कि भरत तिवारी की कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी।