भोपाल में शुरू होगा इलेक्ट्रिक बसों का मुफ्त ट्रायल, 15 अगस्त तक बिना किराए कर सकेंगे सफर

भोपाल में शुरू होगा इलेक्ट्रिक बसों का मुफ्त ट्रायल, 15 अगस्त तक बिना किराए कर सकेंगे सफर

भोपाल, 26 जुलाई। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार की 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के तहत सोमवार से इलेक्ट्रिक बसों का यात्री ट्रायल शुरू होगा। इस दौरान यात्रियों से किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा। प्रस्तावित औपचारिक शुरुआत 15 अगस्त तक यह सेवा पूरी तरह निशुल्क रहेगी।

यात्रियों के साथ संचालन शुरू करने से पहले इलेक्ट्रिक बसों का पांच दिनों तक बिना यात्रियों के ट्रायल किया गया। इस दौरान बसों के समय, ट्रैफिक में संचालन और विभिन्न रूटों पर उनकी कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। सफल परीक्षण के बाद अब यात्रियों के साथ सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

पहले चरण में शहर के दो प्रमुख मार्गों पर 10 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। बोर्ड ऑफिस चौराहा इस सेवा का केंद्रीय हब होगा।

पहला रूट बैरागढ़ डिपो से कोलार तक रहेगा, जो लालघाटी, पीरगेट, मोती मस्जिद, कमला पार्क और न्यू मार्केट होते हुए संचालित होगा।

दूसरा रूट डिपो चौराहा से कोच फैक्ट्री तक होगा। यह बस बोर्ड ऑफिस, चेतक ब्रिज, सुभाष नगर, प्रभात चौराहा और अशोका गार्डन से होकर गुजरेगी।

अधिकारियों के अनुसार, भोपाल में ई-बस सेवा केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शुरू की जा रही है। योजना के तहत वर्ष 2026 के अंत तक शहर के 10 रूटों पर कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 21 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनके पार्किंग और चार्जिंग के लिए संत हिरदाराम नगर में आधुनिक डिपो भी तैयार किया गया है।

नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इनमें डिजिटल टिकटिंग, मोबाइल ऐप के जरिए पास बनाने की सुविधा, पांच सीसीटीवी कैमरे और दोनों दरवाजों पर एआई आधारित यात्री गणना प्रणाली लगाई गई है।

इसके अलावा बसों में इमरजेंसी, पैनिक और स्टॉप बटन, प्रत्येक खिड़की पर इमरजेंसी हैमर, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और एलईडी पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों में ऑटोमैटिक हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट भी लगाई गई है, जिससे व्हीलचेयर उपयोग करने वाले यात्रियों को चढ़ने और उतरने में आसानी होगी।

15 अगस्त को सेवा के औपचारिक शुभारंभ की तैयारी की जा रही है। सभी 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने के बाद भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक, विश्वसनीय और पर्यावरण अनुकूल बनने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी