पूर्णिया, 9 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के नेता भगवान राम के अस्तित्व में विश्वास नहीं करते हैं, और उन पर हिंसा को बढ़ावा देने और अपराध को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया।
सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा और आरएसएस का हमला करने और नफरत फैलाने का चाल-चरित्र ठीक नहीं है। इस बात को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी स्वीकार करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री आवास पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मुझ पर हमला किया गया। फिर सदन के भीतर भाजपा सांसद ने हम पर हमला करने का प्रयास किया।
उन्होंने तंज लहजे में कहा कि आप पप्पू यादव को मार दो-काट दो, लेकिन सच्चाई को नहीं छिपा सकते हो। जिन लोगों ने मुझ पर हमला किया उसको तुरंत बेल मिल गई। इससे पता चलता है कि भाजपा-आरएसएस अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और आरएसएस से क्या उम्मीद की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने अपनी मेहनत की कमाई को श्रीराम मंदिर में दानपात्र में चढ़ावा दिया। सरकार ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। इसलिए पप्पू यादव मरना पसंद करेगा लेकिन सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगा।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करते रहते हैं। वह कभी उनके धर्म पर सवाल उठाते हैं तो कभी ब्राह्मण होने पर संदेह जताते हुए जनेऊ को लेकर सवाल उठा देते हैं। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज के कई लोगों को अपराधी बताकर एनकाउंटर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भरत तिवारी का एनकांउटर किया गया और पूरा ब्राह्मण समाज एकत्र हुआ था। सरकार की तरफ से किसी प्रकार की कोई मदद नहीं दी गई और सही तरीके से कार्रवाई तक नहीं की गई। देश का सवर्ण समाज अब समझ गया है।
भाजपा और आरएसएस की संस्कृति भगवान राम की विरोधी, सवर्ण विरोधी, संविधान विरोधी है। ये लोग सिर्फ मनु स्मृति को लागू करना चाहती है।
--आईएएनएस
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