एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने बेंगलुरु-शिवमोग्गा आईएस साजिश मामले में एक और आरोपी को सजा सुनाई

बेंगलुरु-शिवमोग्गा आईएस साजिश मामले में एक और आरोपी को सजा
एनआईए

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की एक स्पेशल कोर्ट ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े आतंकी साजिश के मामले में आरोपी हुजैर फरहान बेग उर्फ ​​हुजैर को दोषी ठहराते हुए 6 साल की कठोर कैद और 58,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह मामला मूल रूप से कर्नाटक पुलिस ने 19 सितंबर 2022 को दर्ज किया था, और बाद में एनआईए ने इसे अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की। जांच में कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली शहर में गुप्त रूप से चल रहे एक आईएस मॉड्यूल का पता चला।

आरोपियों को 'कर्नल' नाम के एक ऑनलाइन हैंडलर द्वारा गाइड और निर्देशित किया जा रहा था। बाद में उसकी पहचान मोहम्मद शाहिद फैसल के तौर पर हुई, जो एनआईए के कई आतंकी मामलों में फरार आरोपी है। वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) की विचारधारा को फैलाने और भारत में और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था और भर्ती कर रहा था।

दोषी ठहराए गए आरोपी हुजैर फरहान बेग को सह-आरोपियों माज मुनीर अहमद और सैयद यासीन ने कट्टरपंथी बनाया और भर्ती किया था। माज मुनीर अहमद के कहने पर हुजैर फरहान बेग ने आतंकी गतिविधि के लिए बेंगलुरु में एक ठिकाने का इंतजाम किया। उसे अपने दोस्तों के अकाउंट में क्रिप्टोकरेंसी के रूप में फंड भी मिला, जिसे बाद में ठिकाने के लिए पेमेंट करने के लिए फिएट करेंसी (आम मुद्रा) में बदला गया। यह फंड माज मुनीर अहमद ने ऑनलाइन हैंडलर के जरिए उपलब्ध कराया था।

अब तक, एनआईए ने 12 आरोपियों के खिलाफ 4 चार्जशीट दाखिल की हैं, जिनमें से 3 को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और 6 साल की कठोर कैद के साथ जुर्माना लगाया गया है।

लगातार कोशिशों के तहत, एनआईए ऑनलाइन हैंडलर मोहम्मद शाहिद फैसल का पता लगाने और उसकी पहचान करने पर काम कर रही है, जिसने इस मामले में शामिल मॉड्यूल को बनाने की योजना बनाई थी और साजिश रची थी।

--आईएएनएस

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