मुंबई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बीएमसी महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (बीएमसी मार्ड) ने बुधवार से मुंबई के चार बड़े सरकारी अस्पतालों में रूटीन ओपडी सेवाएं बंद कर दी हैं।
प्रभावित अस्पतालों में केईएम अस्पताल, लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल मेडिकल कॉलेज और जनरल अस्पताल सायन, बीवाईएल नायर अस्पताल और डॉ. आरएन कूपर अस्पताल शामिल हैं।
बीएमसी मार्ड का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार सीसीएमपी कोर्स किए हुए बीएचएमएस डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन देने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। डॉक्टरों की संस्था ने पहले भी इसका कई बार विरोध किया था।
संस्था ने बयान में कहा, "हम चुप नहीं बैठ सकते जब मेडिकल शिक्षा के स्तर, पेशे की साख और मरीजों की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा हो। हम हर मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति का सम्मान करते हैं। हमारा विरोध सिर्फ क्रॉसपैथी और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के स्तर को कमजोर करने के खिलाफ है।"
बीएमसी मार्ड की 3 मांगे हैं। पहली मांग है कि सीसीएमपी-योग्य बीएचएमएस डॉक्टरों को एमएमसी रजिस्ट्रेशन देने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए। दूसरी मांग है कि हाईकोर्ट का अंतिम फैसला आने तक कोई और कदम न उठाया जाए और तिसरी मांग है कि रेजिडेंट डॉक्टरों के लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बीएमसी और सरकार तुरंत बातचीत करे।
बीएमसी मार्ड ने साफ किया है कि इमरजेंसी, कैजुअल्टी, आईसीयू, लेबर रूम, आईपीडी और बाकी जरूरी सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। सिर्फ सामान्य ओपीडी बंद की गई है ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो।
संस्था ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 24 घंटे में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे। जरूरत पड़ी तो कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से सेवाओं में और कटौती भी की जा सकती है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम






