नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 22 सितंबर को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वह मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले टेलीविजन कमर्शियल (टीवीसी) का विमोचन भी करेंगे।
गृह मंत्रालय के अनुसार, अमित शाह इस कार्यक्रम में लखनऊ और देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखेंगे। साथ ही राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एएनटीएफ को सम्मानित किया जाएगा और नए स्वरूप में तैयार एनसीबी की वेबसाइट का शुभारंभ भी किया जाएगा। एनसीबी द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के साथ-साथ संबंधित सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार देश के युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है और 'नशामुक्त भारत' के निर्माण के बिना 'विकसित भारत' का निर्माण संभव नहीं है।
'सामूहिक संकल्प, साझा दायित्व' थीम पर आधारित यह सम्मेलन हाल ही में जारी नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए विजन डॉक्यूमेंट (2026-29) में निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति पर केंद्रित होगा। इसमें देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।
सम्मेलन के एजेंडे में ड्रग कार्टेल को खत्म करना, सिंथेटिक ड्रग्स और गुप्त प्रयोगशालाओं से निपटना और डार्कनेट और क्रिप्टो जांच से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर रहेंगे। विजन डॉक्यूमेंट के चार रणनीतिक स्तंभों - प्रवर्तन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, डिमांड और हार्म रिडक्शन और क्षमता निर्माण एवं समन्वय के आधार पर आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इन सत्रों में विजन डॉक्यूमेंट, नेटवर्क लिंकेज और कार्टेल्स को तोड़ना, प्रवर्तन की प्रभावशीलता में सुधार, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स, नशीले पदार्थों की अवैध खेती को नष्ट करने और किसानों को वैकल्पिक फसलों के प्रति प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
--आईएएनएस
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