चेन्नई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। एमडीएमके के महासचिव वाइको, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी. शनमुगम और भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष खुशबू ने मंगलवार को विपक्ष के नेता और डीएमके यूथ विंग के सेक्रेटरी उदयनिधि स्टालिन की आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और एक्ट्रेस तृषा के बारे में उदयनिधि की अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एमडीएमके के महासचिव वाइको ने लिखा कि उदयनिधि द्वारा की गई टिप्पणियां कड़ी निंदा के योग्य हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता संवैधानिक पद पर बैठे हैं और उन्हें वाणी पर संयम बरतने की सीख को याद रखना चाहिए, न कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए जो राजनीतिक बातचीत के स्तर को गिराती हो।
वाइको ने कहा कि विवादास्पद टिप्पणियां कावेरी जल मुद्दे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई थीं और उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा सार्वजनिक बहस की गुणवत्ता को कमजोर करती है।
उन्होंने कावेरी विवाद का इस्तेमाल राजनीतिक दिखावे के लिए करने के खिलाफ भी चेतावनी दी और तर्क दिया कि तमिलनाडु के हितों की रक्षा तभी हो सकती है, जब राजनीतिक दल अपने मतभेदों को भुलाकर एक सुर में बात करें।
सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने भी उदयनिधि की आलोचना की और सार्वजनिक बैठक में इस्तेमाल की गई भाषा को अश्लील और अस्वीकार्य बताया।
सोशल मीडिया पोस्ट में शनमुगम ने कहा कि विपक्ष के नेता के बोलने का तरीका निंदनीय था और कहा कि राजनीति को व्यक्तिगत हमलों या अपमानजनक बयानों के स्तर तक नहीं गिरना चाहिए।
अभिनेत्री और भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष खुशबू ने उदयनिधि पर सार्वजनिक मंच से तृषा का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह अपनी गलती मानेंगे और अभिनेत्री से माफी मांगेंगे।
खुशबू ने कहा कि महिलाओं को नीचा दिखाने वाले भाषण बंद होने चाहिए और जोर दिया कि चुने हुए प्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे सार्वजनिक बातचीत के सभ्य मानकों को बनाए रखें।
उदयनिधि ने तंजावुर में डीएमके के कावेरी विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया, जहां उन्होंने विजय और तृषा को लेकर दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां कीं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों ने आलोचना की और उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं।