पटना, 5 जुलाई (आईएएनएस)। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरजेडी के नेतृत्व की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की स्वीकार्यता भी घट रही है। उनका कहना है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी अब अतीत की राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आरजेडी को भविष्य में मजबूत राजनीतिक विकल्प बने रहना है तो उसे केवल प्रथम परिवार तक सीमित रहने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी ढंग से संघर्ष करना होगा। उनका कहना था कि यदि पार्टी लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए रणनीतिक तैयारी नहीं करती है तो आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उसकी चुनौतियां और बढ़ जाएंगी।
आरजेडी के स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए तीन दशक तक अपनी मौजूदगी बनाए रखना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। यह अवसर आत्ममंथन का भी होता है कि पार्टी ने इन वर्षों में क्या हासिल किया और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को वर्ष 2018 में जश्न के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में दिल्ली की अदालत द्वारा चार वर्ष की सजा सुनाए जाने पर राजीव रंजन ने कहा कि उनके पास अभी भी न्यायिक विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि अदालत के फैसले के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष भी स्पष्ट कर चुके हैं कि जैसे ही अदालत के फैसले की प्रति प्राप्त होगी, विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में कांग्रेस की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। कांग्रेस को लंबे समय तक राज्य में एक मजबूत विपक्ष के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां बदलती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का संगठन बाहर से मजबूत नजर आता है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर असंतोष गहरा है। राजीव रंजन का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पंजाब में कांग्रेस के लिए अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखना आसान नहीं होगा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व संकट की झलक मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका संभालना इस बात का संकेत है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर भरोसे की कमी है। टीएमसी के सामने भविष्य में अपना राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के मुद्दे पर राजीव रंजन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि को सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सुरक्षा समिति खतरे के स्तर का आकलन कर सुरक्षा की श्रेणी तय करती है। इसलिए इस विषय को अनावश्यक राजनीतिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरजेडी का ध्यान जनता के मुद्दों से अधिक लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े कानूनी मामलों तथा व्यक्तिगत विषयों पर केंद्रित रहता है।
संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि इस सत्र से सभी राजनीतिक दलों और जनता को काफी अपेक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान संख्या बल को देखते हुए कई महत्वपूर्ण लंबित विधायी और नीतिगत मुद्दों पर सार्थक चर्चा और निर्णय की संभावना बनी हुई है। उनका मानना है कि यदि विभिन्न दल सहयोग की भावना से काम करें तो संसद में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बन सकती है और देशहित से जुड़े लंबित मामलों का समाधान निकल सकता है।
--आईएएनएस
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