3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और मौत मामले में पूर्व भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने जताया दुख

3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और मौत मामले में पूर्व भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने जताया दुख

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में तिरुवल्लूर जिले के कुमिदिपुंडी के पास 3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और उसकी मौत के मामले में पूर्व भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने दुख जताया है। पूर्व भाजपा नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि एक 3 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और इलाज के बावजूद उसकी मौत की खबर से गहरा सदमा और दुख पहुंचा है।

इस सिलसिले में उत्तर भारतीय राज्य के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह, कांचीपुरम जिले के अथानूर में एक 10 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले उत्तर भारतीय राज्य के एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले अपराधों में उत्तर भारतीय राज्यों के लोगों की भागीदारी में काफी बढ़ोतरी देखी गई है।

इसी जून में चेन्नई में एक बुजुर्ग महिला की सोने की चेन छीनने की कोशिश करने के आरोप में उत्तर भारतीय राज्य के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। पिछले महीने कई मामले सामने आए, जिनमें तांबरम के पास एक युवती का यौन उत्पीड़न, तिरुवल्लूर के पास घर पर अकेली महिला के साथ छेड़छाड़, चेन्नई के वेलाचेरी बस स्टैंड के पास 61 साल की महिला से गैंगरेप, चेन्नई के वेलाचेरी में मानसिक रूप से कमजोर महिला के यौन उत्पीड़न मामले में 15 साल के लड़के समेत तीन उत्तर भारतीय मजदूरों की गिरफ्तारी और चेन्नई के मदुरवोयल इलाके में सुबह-सुबह घर के बाहर कोलम (रंगोली) बना रही महिला के साथ यौन उत्पीड़न शामिल है। ये कुछ ऐसे मामले हैं, जिनमें उत्तर भारतीय राज्यों के युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे कई सवाल उठते हैं।

ऐसे अपराधों में शामिल लोगों की तुरंत पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तारीफ होनी चाहिए, लेकिन तमिलनाडु सरकार इन अपराधों को होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाएगी।

उन्होंने आगे लिखा कि अलग-अलग राज्यों के लोगों का रोजगार के लिए तमिलनाडु आना स्वाभाविक है। ठीक वैसे ही जैसे तमिलनाडु के लोग काम के लिए अलग-अलग जगहों पर जाते हैं, लेकिन क्या दूसरे राज्यों से तमिलनाडु आने वाले लोगों के बारे में सही जानकारी उपलब्ध है।क्या यह जानकारी उन्हें काम पर रखने वाले ठेकेदारों या कंपनी मालिकों के पास है। क्या यह जानकारी तमिलनाडु सरकार को दी जाती है। क्या इसे रेगुलेट नहीं किया जाना चाहिए।

मैं तमिलनाडु सरकार से इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं। जो मालिक उत्तर भारतीय राज्यों के मजदूरों को काम पर रखते हैं, उन्हें सरकार को पूरी जानकारी देनी चाहिए। इसमें यह बताना होगा कि ऐसे कितने मजदूर हैं, वे किन शहरों में हैं, उनके मूल स्थान, अभी वे कहां काम कर रहे हैं और कहां रह रहे हैं। मैं इस बात पर जोर देता हूं कि तमिलनाडु सरकार को इसकी व्यवस्थित रूप से निगरानी करनी चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी