नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। 13 अगस्त 2026, गुरुवार को पवित्र सावन महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और गुरुवार का दिन भगवान विष्णु तथा देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। ऐसे में इस दिन शिव और विष्णु की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा-पाठ करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 8 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू होगी। इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 2 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर और चंद्रास्त शाम 7 बजकर 28 मिनट पर होगा।
इस दिन वरीयान योग दोपहर 12 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो अश्लेषा नक्षत्र सुबह 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा कर्क राशि में सुबह 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 7 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
इस दिन राहुकाल दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। यमगंड सुबह 5 बजकर 49 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 9 बजकर 7 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार इस दिन दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचें। अगर दक्षिण दिशा में यात्रा करना जरूरी हो तो परंपरागत उपायों को करने के बाद यात्रा कर सकते हैं।
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