बेरूत/हेलसिंकी/ बाकू/म्बाबाने, 21 जून (आईएएनएस)। काकेशस क्षेत्र के अजरबैजान, पश्चिम एशिया के लेबनान, नॉर्डिक देश फिनलैंड और दक्षिणी अफ्रीकी देश एस्वातिनी में भी योगासन और प्राणायाम किया गया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर "योग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था" थीम पर लोग मन, आत्मा और शरीर के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करते लोग दिखे।
इन देशों में मौजूद भारतीय एंबेसी और उच्चायोगों ने तस्वीरों के माध्यम से इसकी झलक दिखाई। फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में भारतीय दूतावास ने प्रतिष्ठित ओड़ी लाइब्रेरी में विशेष योग सत्र का आयोजन किया, जो फिनलैंड की संसद भवन के सामने स्थित है। इस कार्यक्रम में राजनयिकों, फिनलैंड के अधिकारियों, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय राजदूत ने योग के समग्र स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हाल ही में भारत में आयोजित एक ऐतिहासिक योग कार्यक्रम में 4 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
वहीं, अजरबैजान की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आयतेन इस्माइलजादा का एक प्रेरणादायक वीडियो क्लिप शेयर किया गया। आयतेन पिछले तीन वर्षों से योग का अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभ गिनाए और अपने जीवन पर पड़े प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योग को नियमित रूप से अपनाने से लोग प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं और संतुलित जीवन जी सकते हैं। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि अजरबैजान में योग और अधिक लोकप्रिय होगा और अधिक लोग इसके लाभों से जुड़ेंगे।
इसी क्रम में लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के तहत भारतीय बटालियन ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस अवसर पर विभिन्न देशों के शांति सैनिकों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। इस आयोजन ने शांति, एकता और वैश्विक सहयोग का संदेश दिया।
कुछ ऐसा ही माहौल एस्वातिनी में भी दिखा। भारतीय उच्चायोग और म्बाबाने म्युनिसिपल काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम म्बाबाने के प्रसिद्ध कोरोनेशन पार्क में आयोजित हुआ, जो अपनी मनमोहक पहाड़ी पृष्ठभूमि के बीच एक आकर्षक स्थल के रूप में जाना जाता है।
इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का संदेश दिया। उच्चायोग के अनुसार बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी ने योग के लाभों को अनुभव करते हुए “योग के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था” थीम को साकार किया।