वायनाड, 3 जुलाई (आईएएनएस)। वायनाड में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को जिले के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य पैकेज की घोषणा की।
इस पैकेज में एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना, प्रमुख सरकारी अस्पतालों का विकास और चिकित्सा ढांचे एवं मानव संसाधन को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं।
वायनाड कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय 'कायाकल्पम जनसंपर्कम' जनसंपर्क कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने कहा कि इस पैकेज में एक दर्जन से अधिक पहलें शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को नई गति प्रदान करना है।
एक महत्वपूर्ण घोषणा वायनाड में एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने के सरकार के निर्णय की थी। मंत्री ने यह भी कहा कि वायनाड मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित भूमि अनुपयुक्त पाई गई है क्योंकि यह संरक्षित वन भूमि के अंतर्गत आती है।
सरकार अब मनंथावडी में एक वैकल्पिक स्थल तलाश रही है और चेतावनी दे रही है कि बुनियादी ढांचे के विकास में देरी से अगले वर्ष कॉलेज की मान्यता खतरे में पड़ सकती है।
इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक बुलाई जाएगी।
इस पैकेज में वायथिरी अस्पताल को जिला मॉडल अस्पताल के रूप में उन्नत करना भी शामिल है और सुल्तान बाथरी तालुक अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा।
सरकारी क्षेत्र में उन्नत निदान सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए जिले के एक प्रमुख अस्पताल में एमआरआई स्कैनिंग सेवाएं शुरू की जाएंगी।
मंत्री ने घोषणा की कि जिले के सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ पदों का सृजन किया जाएगा और स्वास्थ्य परियोजनाओं के लिए लंबित धनराशि जारी की जाएगी। जिला चिकित्सा कार्यालय (स्वास्थ्य) के लिए एक समर्पित भवन का निर्माण भी किया जाएगा, जो वर्तमान में अपने परिसर के बिना कार्य कर रहा है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष से बार-बार प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की जाएंगी, साथ ही जिले में कैंसर के बढ़ते मामलों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
उन्होंने मोटर न्यूरॉन रोग से पीड़ित कंबलक्कड़ के एक मरीज के इलाज के लिए आरोग्य किरणम योजना के तहत वित्तीय सहायता की भी घोषणा की।
हाल ही में किए गए जन स्वास्थ्य प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि शिगेला सहित जलजनित रोगों के प्रकोप को रोकने के लिए जल गुणवत्ता निगरानी को और तेज किया जाएगा।
--आईएएनएस
एमएस/






