नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में उत्साह के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा भी मौजूद रहे। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस वर्ष की थीम स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' है, जो हर आयु वर्ग के लोगों के लिए योग के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि योग केवल जीवनकाल बढ़ाने का नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की अवधि बढ़ाने का भी माध्यम है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि योग एक स्वस्थ और सकारात्मक भारत के निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल साल में एक दिन तक सीमित न रखें। 21 जून से इसकी शुरुआत कर इसे पूरे 365 दिनों की नियमित आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से हम एक ऊर्जावान, निरोग और सकारात्मक भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि योग पूरी दुनिया को जोड़ने वाला सूत्र है। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि यह शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में बांधता है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में योग एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है और भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई पहचान मिली है। उन्होंने सभी नागरिकों से ‘स्वस्थ दीर्घायु के लिए योग’ के संकल्प के साथ विकसित भारत 2047 के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने हजारों लोगों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया, जबकि भारत और दुनिया भर में लाखों लोगों ने इस आयोजन में भागीदारी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल से सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा और उत्साह से सराबोर दिखाई दे रहा है।