चेन्नई, 17 अगस्त (आईएएनएस)। निर्देशक शिव माधव, जिन्हें विज्ञान पर आधारित फिल्म '3.6.9' के लिए जाना जाता है, अब अपनी अगली फिल्म के साथ एक बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। उनकी फिल्म '3.6.9' ने महज 81 मिनट में 100 कलाकारों के साथ शूट होने वाली फिल्म के तौर पर दो विश्व रिकॉर्ड बनाए थे, लेकिन जिस पहचान की उम्मीद शिव को थी, वह उन्हें नहीं मिल पाई।
अब उन्होंने उसी अनुभव से सीख लेकर अपनी अगली फिल्म की घोषणा की है, जिसमें विज्ञान, फैंटेसी और सुपरहीरो कहानी एक साथ देखने को मिले।
शिव माधव ने अपनी अगली फिल्म को लेकर बताया कि यह पूरी तरह से कमर्शियल एंटरटेनर फिल्म होगी। फिल्म में तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने कलाकार नजर आएंगे। फिल्म की तैयारी का काम तेजी से चल रहा है और मिनिएचर तैयार करने का काम भी शुरू हो चुका है। शूटिंग अक्टूबर से शुरू होने की योजना है और पूरी फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी में की जाएगी।
शिव माधव ने अपनी पहली फिल्म '3.6.9' के अनुभव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि दो विश्व रिकॉर्ड बनाने के बावजूद उनकी फिल्म और उनकी मेहनत को वह पहचान नहीं मिलेगी जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उन्होंने कहा, ''मेरी पहली फिल्म '3.6.9' थी। इसने तमिलनाडु की पहली ऐसी फिल्म के तौर पर दो विश्व रिकॉर्ड बनाए। लेकिन दुर्भाग्य से लोगों को यह तक पता नहीं चला कि किसी व्यक्ति ने 100 कलाकारों के साथ सिर्फ 81 मिनट में फिल्म बनाई थी। रिकॉर्ड बनाने के बाद मुझे लगा था कि अब चीजें अगले स्तर पर जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऐसा लगा जैसे मेरे सारे सपने बिखर गए।''
शिव ने बताया, ''इसके बाद तीन साल तक कई निर्माता मेरे पास आए। वे चाहते थे कि मैं एक और ऐसी फिल्म बनाऊं, जो किसी रिकॉर्ड के लिए जानी जाए। लेकिन मैंने इस रास्ते पर आगे बढ़ने से इनकार कर दिया। मैं नहीं चाहता कि मेरी पहचान सिर्फ रिकॉर्ड बनाने वाले फिल्मकार के तौर पर बने, इसलिए मैंने कमर्शियल सिनेमा की तरफ जाने का फैसला किया।''
उन्होंने कहा, "फिल्म बनाना कला होने के साथ-साथ कारोबार भी है, और इसी समझ के साथ मैंने अपनी अगली फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार करने का फैसला किया है। इस बार मैं ऐसा सिनेमा बनाना चाहता हूं, जिसे दर्शक मनोरंजन के लिए सिनेमाघर में जाकर देखना पसंद करें।"
शिव ने कहा, ''मेरी नई फिल्म का आधार भी विज्ञान ही है। मैं इसे हॉलीवुड के स्तर पर बनाने की कोशिश कर रहा हूं। फिल्म में बड़े सेट होंगे। वास्तविक चीजों और मिनिएचर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा। कहानी 1980 के दशक में सेट है और इसमें विज्ञान और फैंटेसी को सुपरहीरो की कहानी के साथ जोड़ा गया है।''
शिव ने कहा, ''पिछले तीन साल मेरे लिए सीखने का दौर रहे हैं। इस दौरान मैंने वीएफएक्स, एआई और फिल्म निर्माण से जुड़ी दूसरी तकनीकों की संभावनाओं को समझा। अब मैं इन तकनीकों और अपने अनुभव का इस्तेमाल अपनी नई फिल्म में करने के लिए तैयार हूं। फिल्म से जुड़े कलाकार और तकनीकी टीम में भी बड़े नाम शामिल किए जा रहे हैं।''
--आईएएनएस
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