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रिटेल जीसीसी के वर्कफोर्स में एआई से जुड़े टैलेंट की हिस्सेदारी 2028 तक 10 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान

रिटेल

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। रिटेल जीसीसी में एआई से जुड़े टैलेंट की हिस्सेदारी 2028 तक बढ़कर 10.6 प्रतिशत पहुंचने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 2025 में 4.8 प्रतिशत और 2022 में 2.1 प्रतिशत था। यह जानकारी बुधवार को जारी नई रिपोर्ट में दी गई।

रिटेल और कंज्यूमर जीसीसी में अभी एआई और डेटा से जुड़े मुख्य कामों में लगभग 7,800 पेशेवर काम कर रहे हैं, और 2025 में एआई और डेटा टैलेंट के लिए 990 पदों की मांग थी।

टीमलीज डिजिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन 180 जीसीसी का आकलन किया गया, उनमें से टॉप 50 मेगा रिटेल जीसीसी में से केवल 22 में एआई क्षमताएं विकसित पाई गईं, यानी वे सिर्फ एआई का इस्तेमाल नहीं कर रहे, बल्कि उसे बना भी रहे हैं।

बेंगलुरु में भारत के रिटेल जीसीसी एआई टैलेंट पूल का 54 प्रतिशत हिस्सा है, जहां 4,200 प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जबकि 8 साल से ज्यादा अनुभव वाले सीनियर एआई लीडर्स की संख्या पूरे देश में बहुत कम और कुछ खास जगहों तक ही सीमित है।

दिल्ली-एनसीआर दूसरे नंबर पर है, लेकिन बेंगलुरु से काफी पीछे है, और उसके बाद हैदराबाद का नंबर आता है। चेन्नई, मुंबई और पुणे में से हर एक जगह पर 20 से भी कम सीनियर लीडर्स हैं।

इस वर्कफोर्स में, सीनियर एआई टैलेंट पूल यानी 8 या उससे ज्यादा साल के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की संख्या पूरे देश में सिर्फ 320 है। इस ग्रुप के लगभग दो-तिहाई (63 प्रतिशत, यानी लगभग 202 प्रोफेशनल्स) एआई इंजीनियरिंग लीड लेवल पर हैं, जिनका औसत अनुभव 9 साल है।

एआई/डेटा डायरेक्टर्स की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत है। सबसे ऊंचे लेवल पर, एआई आर्किटेक्ट्स और प्रिंसिपल साइंटिस्ट्स का हिस्सा सिर्फ 15 प्रतिशत है यानी पूरे देश में लगभग 47 प्रोफेशनल्स, जिनका औसत अनुभव 14 साल से ज्यादा है।

रिपोर्ट के अनुसार, जेनएआई स्पेशलिस्ट्स (औसत अनुभव 5 साल) इस सीनियर ग्रुप से बाहर हैं और टैलेंट स्ट्रक्चर में एक अलग उभरता हुआ हिस्सा बनाते हैं।

--आईएएनएस

एबीएस