रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों को ईडी ने गिरफ्तार कर कस्टडी में लिया

रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के दो पूर्व अधिकारियों को ईडी ने गिरफ्तार कर कस्टडी में लिया

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के ग्रुप एमडी सतीश सेठ और गौतम भईलाल दोशी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया है और उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया है।

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में क्रमशः 12 जून को गिरफ्तारियां की गईं और जांच जारी रहने के कारण दोनों को ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया।

सेठ को ग्रेटर मुंबई की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जिसके बाद ईडी को उनकी ट्रांजिट रिमांड मिल गई। इसके बाद, उन्हें नई दिल्ली के द्वारका में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया और फिर उन्हें 6 दिनों के लिए एजेंसी की कस्टडी में भेज दिया गया।

दोशी को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जिसने उन्हें 5 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया।

ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में इन दोनों को गिरफ्तार किया।

एक बयान में, रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, "सेठ (उम्र 70 साल) और दोशी (उम्र 73 साल) ग्रुप से जुड़े हुए नहीं हैं"।

प्रवक्ता ने आगे कहा,"सेठ ने ग्रुप में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और कई कंपनियों के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर काम किया। सेठ 2025 में ग्रुप से अलग हो गए। गौतम दोशी ने ग्रुप में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और ग्रुप के अंदर और बाहर कई कंपनियों के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर काम किया। दोशी छह साल पहले, 2020 में ग्रुप से अलग हो गए।"

ईडी के मुताबिक, सेठ को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और अन्य के खिलाफ ईसीआईआर में गिरफ्तार किया गया है, जबकि गौतम दोषी को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अन्य के खिलाफ ईसीआईआर में गिरफ्तार किया गया है।

ईडी ने कहा, "सतीश सेठ लंबे समय से आरएएजी से जुड़े रहे हैं और ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने ग्रुप की कई कंपनियों के अहम कमर्शियल और फाइनेंशियल फैसलों पर कंट्रोल रखा है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर और उससे जुड़े सेक्टर की कई ग्रुप कंपनियों में डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया है। सतीश सेठ साल 2000 से रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में अहम डायरेक्टर और मैनेजर के पदों पर रहे हैं।"

दोशी भी लंबे समय से आरएएजी से जुड़े रहे हैं, जहां उन्होंने ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर ग्रुप कंपनियों के टैक्स, प्लानिंग, कंप्लायंस, रिस्क मैनेजमेंट वगैरह पर कंट्रोल रखा।

जांच एजेंसी ने बताया कि वह रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में डायरेक्टर भी थे और कई भारतीय और विदेशी आरएएजी कंपनियों के बैंक अकाउंट के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) भी थे।

जांच में पता चला है कि सेठ ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स से पब्लिक फंड की हेराफेरी करने में अहम भूमिका निभाई है।

ईडी के बयान के मुताबिक, दोशी ने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसका इस्तेमाल रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में गड़बड़ी से हुई कमाई को इधर-उधर करने के लिए किया गया।

--आईएएनएस

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