नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा पर जा सकते हैं। प्रस्तावित दौरे का मुख्य उद्देश्य जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेना है, लेकिन यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के संदर्भ में भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित यात्रा के दौरान पीयूष गोयल की मुलाकात अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से भी हो सकती है। यह बैठक जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के इतर होने की संभावना है। माना जा रहा है कि दोनों पक्ष इस अवसर का उपयोग व्यापार समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों की समीक्षा और समाधान के लिए कर सकते हैं।
भारत और अमेरिका पिछले कुछ समय से व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य बाजार पहुंच बढ़ाना, व्यापारिक बाधाओं को कम करना और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना है। वर्तमान में वार्ता एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है और ऐसे में मंत्री स्तर की बातचीत आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
चर्चाओं के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार किया गया है, जिनमें शुल्क दरें, वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में बाजार पहुंच तथा विभिन्न व्यापारिक बाधाएं शामिल हैं। दोनों देश ऐसी व्यवस्था की तलाश में हैं जो उनके-अपने आर्थिक और व्यापारिक हितों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा सके।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच एक प्रमुख प्राथमिकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों के लिए जिनमें निर्यात की बड़ी संभावनाएं हैं। वहीं अमेरिका भारतीय बाजार में अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए अधिक अवसर चाहता है। इसी कारण दोनों देशों के बीच वार्ता कई संवेदनशील और रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पीयूष गोयल और जेमीसन ग्रीर के बीच संभावित बैठक से उन मुद्दों पर प्रगति हो सकती है जिन पर अभी तक पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है। साथ ही यह भी आकलन किया जा सकता है कि दोनों देश अंतिम समझौते के कितने करीब पहुंच चुके हैं।
जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक पीयूष गोयल को अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के व्यापार मंत्रियों के साथ भी बातचीत का अवसर देगी। इस दौरान वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखला, निवेश और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सितंबर में प्रस्तावित यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब नई दिल्ली और वाशिंगटन दोनों ही द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। इसलिए सितंबर में होने वाली संभावित बातचीत को भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इसके नतीजे से प्रस्तावित व्यापार समझौते की रूपरेखा और समयसीमा को लेकर अधिक स्पष्टता सामने आ सकती है।
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