जयपुर, 3 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह के दौरान 13,037 करोड़ रुपए की जयपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-2 का शिलान्यास करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना जयपुर में शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी और शहर के प्रमुख औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को तेज एवं आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण (नॉर्थ-साउथ) मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
यह कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (वीकेआईए), जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टोंक रोड, सवाई मानसिंह अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, जयपुर रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगा।
फेज-2 परियोजना के तहत कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख रिहायशी इलाकों के बीच बेहतर और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
इस परियोजना का निर्माण राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमआरसीएल) करेगा, जो केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार की 50:50 संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) कंपनी है।
परियोजना के तहत एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत (अंडरग्राउंड) मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन्हें मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, ताकि यात्रियों को निर्बाध यात्रा सुविधा मिल सके।
केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पहले निर्माण पैकेज के लिए 918.04 करोड़ रुपए से अधिक का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी कर दिया है।
इस पैकेज के तहत प्रह्लादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस हिस्से में 10 एलिवेटेड स्टेशन होंगे, जिनमें प्रहलादपुरा, मानपुरा, बिलवा कलां, बिलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गौशाला शामिल हैं।
इसके अलावा इस कॉरिडोर को जयपुर मेट्रो फेज-2 के डिपो से जोड़ने के लिए एक विशेष स्पर लाइन भी बनाई जाएगी।
पूरी परियोजना को इस तरह तैयार किया गया है कि यह जयपुर के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बस अड्डों से आसानी से जुड़ सके, जिससे शहर में एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क विकसित हो सके।
इसके साथ ही, चाकसू और चोमू जैसे आसपास के शहरों से यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचाने के लिए फीडर बस सेवाएं शुरू करने की भी योजना बनाई जा रही है। ये बसें प्रहलादपुरा और टोड़ी मोड़ मेट्रो स्टेशनों तक यात्रियों को लाएंगी।
वर्तमान में जयपुर मेट्रो का फेज-1 कॉरिडोर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 11 स्टेशन हैं। इस रूट पर प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्री सफर करते हैं।
फेज-2 पूरा होने के बाद जयपुर मेट्रो की दैनिक सवारियों की संख्या करीब 2.5 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा 4 लाख से अधिक हो सकता है, जिससे मेट्रो जयपुर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का एक प्रमुख स्तंभ बन जाएगी।
--आईएएनएस
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