मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 22,569 करोड़ रुपए के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) में तेज गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इसके बावजूद निवेशकों की रुचि मजबूत बनी रही और इश्यू को कुल मिलाकर 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
ग्रे मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, 21 सितंबर को एनएसई आईपीओ का जीएमपी 55 रुपए पर पहुंच गया, जो बोली अवधि के दौरान दर्ज 285 रुपए के उच्चतम स्तर से काफी कम है।
पिछले 18 कारोबारी सत्रों में जीएमपी में 230 रुपए की गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि अनौपचारिक बाजार में निवेशकों का उत्साह कुछ कम हुआ है, हालांकि बाजार विशेषज्ञ अभी भी सकारात्मक लिस्टिंग की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
ताजा जीएमपी और 1,785 रुपए प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य करीब 1,840 रुपए बैठता है। इसका मतलब है कि इश्यू मूल्य की तुलना में करीब 3.08 प्रतिशत का संभावित लिस्टिंग लाभ मिल सकता है।
हालांकि बाजार जानकारों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है और इसमें लिस्टिंग तक लगातार उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए इसे अंतिम प्रदर्शन का निश्चित संकेत नहीं माना जाता।
ग्रे मार्केट में नरमी के बावजूद आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिला। बोली बंद होने तक इश्यू कुल मिलाकर 5.67 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इसमें सबसे मजबूत मांग क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) की ओर से देखने को मिली। इस श्रेणी में आरक्षित हिस्से के मुकाबले 12.68 गुना आवेदन प्राप्त हुए।
वहीं गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) श्रेणी 6.54 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशक (आरआईआई) श्रेणी में 1.33 गुना आवेदन आए।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर तय किया था और निवेशकों के लिए लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया था।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज ऑपरेटर के बिजनेस मॉडल, आय क्षमता और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर निवेशकों का भरोसा बरकरार है।
--आईएएनएस
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