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मिल्की मिस्ट ने आरएचपी में बीमा, खाद्य सुरक्षा, तकनीकी व्यवधान और प्रबंधन सहित कई अन्य जोखिमों का किया खुलासा

मिल्की

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। डेयरी उत्पाद बनाने वाली कंपनी मिल्की मिस्ट डेयरी फूड ने अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में कई महत्वपूर्ण कारोबारी और परिचालन संबंधित जोखिमों का खुलासा किया है। कंपनी ने कहा है कि अपर्याप्त बीमा कवरेज, खाद्य सुरक्षा से जुड़े संभावित जोखिम, तकनीकी व्यवधान और प्रमुख प्रबंधन कर्मियों पर अत्यधिक निर्भरता भविष्य में उसके कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।

कंपनी के अनुसार, उसके पास मौजूद बीमा कवरेज सभी संभावित नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल परिसंपत्तियों (एसेट्स) का बुक वैल्यू 2,546 करोड़ रुपए था, जबकि उसके पास 2,441 करोड़ रुपए का बीमा कवर उपलब्ध था। यानी कंपनी की कुल परिसंपत्तियों का लगभग 95.9 प्रतिशत हिस्सा ही बीमा के दायरे में है। मिल्की मिस्ट ने कहा कि संपत्तियों को नुकसान, उत्पाद दायित्व दावों या कारोबार में व्यवधान की स्थिति में वास्तविक नुकसान बीमा राशि से अधिक हो सकता है।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसकी बीमा पॉलिसियां सामान्यतः हर वर्ष नवीनीकृत की जाती हैं और भविष्य में अनुकूल शर्तों पर, समय पर या बिल्कुल भी नवीनीकरण उपलब्ध होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

आरएचपी में कंपनी ने अपने वरिष्ठ प्रबंधन और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों पर निर्भरता को भी एक महत्वपूर्ण जोखिम बताया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में 13 वरिष्ठ प्रबंधन और प्रमुख अधिकारी कार्यरत थे। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में इस श्रेणी में कोई कर्मचारी कंपनी नहीं छोड़कर गया, लेकिन कंपनी ने स्वीकार किया कि अनुभवी पेशेवरों के लिए प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है और किसी महत्वपूर्ण अधिकारी के जाने की स्थिति में उसके स्थान पर उपयुक्त व्यक्ति नियुक्त करना समय और संसाधन दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े एक मुद्दे का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी ने बताया कि उसके अधिकांश निदेशक वर्तमान में सूचीबद्ध कंपनियों के निदेशक नहीं हैं और न ही उन्हें पहले सूचीबद्ध कंपनियों के संचालन का अनुभव रहा है।

आरएचपी के अनुसार, आईपीओ के बाद एक सूचीबद्ध कंपनी के रूप में नियामकीय आवश्यकताओं और अनुपालन से जुड़े जटिल मामलों को संभालने में यह अनुभव की कमी बोर्ड के लिए चुनौती बन सकती है।

मिल्की मिस्ट ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी कई संभावित जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया है। कंपनी ने कहा कि खाद्य जनित बीमारियां, एलर्जी प्रतिक्रियाएं, डेयरी पशुओं में फैलने वाली महामारियां या उत्पाद गुणवत्ता से जुड़े विवाद उसके कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं। यदि दूध जैसे प्रमुख कच्चे माल से जुड़ी किसी बीमारी या गुणवत्ता समस्या की आशंका पैदा होती है, तो इससे उपभोक्ता मांग घट सकती है, नियामकीय जांच बढ़ सकती है और वितरकों व खुदरा विक्रेताओं द्वारा उत्पाद वापस लिए जा सकते हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि यदि एलर्जेन लेबलिंग में कोई कमी रह जाती है या उत्पादन प्रक्रिया के दौरान अनजाने में उत्पादों का क्रॉस-कंटैमिनेशन हो जाता है, तो उसे कानूनी दावों, नियामकीय कार्रवाई और प्रतिष्ठा को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी के अनुसार, उत्पाद गुणवत्ता को लेकर नकारात्मक खबरें, चाहे वे वास्तविक हों या केवल धारणा पर आधारित, ब्रांड वैल्यू और बिक्री दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।

तकनीकी मोर्चे पर कंपनी ने कहा कि उसकी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रणालियां उत्पादन, इन्वेंट्री प्रबंधन, वितरण, वित्तीय संचालन और सप्लाई चेन संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। किसी साइबर हमले, सिस्टम फेलियर, दूरसंचार बाधा, कंप्यूटर वायरस या अन्य साइबर सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में संचालन प्रभावित हो सकता है, वित्तीय नुकसान हो सकता है और कंपनी को कानूनी तथा प्रतिष्ठागत जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।

कंपनी ने यह भी बताया कि आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का एक बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा। सार्वजनिक निर्गम से प्राप्त शुद्ध राशि में से 497 करोड़ रुपए का उपयोग कुछ बकाया ऋणों के पुनर्भुगतान, पूर्व भुगतान या रिडेम्प्शन के लिए किया जाएगा। हालांकि कौन-कौन से ऋण चुकाए जाएंगे, यह ब्याज लागत, ऋणदाताओं की मंजूरी, प्री-पेमेंट शर्तों और अन्य व्यावसायिक कारकों पर निर्भर करेगा।

गौरतलब है कि मिल्की मिस्ट का 1,553 करोड़ रुपए का आईपीओ 11 अगस्त से 13 अगस्त के बीच निवेशकों के लिए खुला था, जिसमें 1,428 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए गए, जबकि 125 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल था। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 133 रुपए से 140 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया है।

कंपनी के शेयरों की एनएसई और बीएसई पर 18 अगस्त को संभावित लिस्टिंग होने की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी के जोखिमों और विकास योजनाओं को बाजार किस तरह से आंकता है।

--आईएएनएस

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