कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की एक जज वाली वेकेशन बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि वह उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज ब्लॉक के फरार पूर्व बीडीओ प्रशांत बर्मन के खिलाफ अगले 10 दिनों के भीतर जरूरी कानूनी कार्रवाई करें।
बर्मन पिछले साल सोने के व्यापारी स्वप्न कामिल्या के अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी है।
हालांकि न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रॉय की एकल-न्यायाधीश अवकाश पीठ ने बुधवार शाम को यह आदेश पारित किया था लेकिन इसकी प्रति गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई।
एकल न्यायाधीश अवकाश पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय को अगले 10 दिनों के भीतर कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, एकल-न्यायाधीश खंडपीठ ने संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही के लिए विभागीय जांच का भी आदेश दिया है।
इससे पहले 26 मई को बर्मन को उत्तर 24 परगना की एक जिला अदालत में दो मामलों में पेश किया गया था- पहला सोने के व्यापारी की हत्या से जुड़ा मामला और दूसरा शराब पीकर गाड़ी चलाने का मामला।
हालांकि, उस दिन जिला अदालत के जज के अपनी बेंच पर काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद सोने के व्यापारी की हत्या के मामले में जांच अधिकारी अदालत को केस से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद अदालत ने बर्मन को शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में 1,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। इसके बाद से वह फिर से फरार हो गया।
बर्मन की गिरफ्तारी, जो 25 मई की आधी रात के आसपास कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके न्यू टाउन में हुई थी, एक संयोग और बेहद नाटकीय घटना थी। उस समय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह फरार था।
बिधाननगर सिटी पुलिस के अनुसार बर्मन ने रात के समय नशे की हालत में कार चलाते हुए एक दोपहिया वाहन चालक को टक्कर मार दी थी। दोपहिया वाहन चालक किसी तरह उठ खड़ा हुआ और बर्मन की गाड़ी का रास्ता रोककर उससे वाहन से बाहर निकलने को कहा।
माफी मांगने के बजाय बर्मन ने नशे की हालत में उसे गालियां देना शुरू कर दिया। थोड़ी देर में कुछ स्थानीय लोग वहां इकट्ठा हो गए और बर्मन ने उन्हें भी गालियां देना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोगों में से एक ने उसके पूरे गाली-गलौज वाले व्यवहार को रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर फैला दिया।
जैसे-जैसे घटनास्थल पर स्थिति तनावपूर्ण होती गई, इकोपार्क पुलिस थाने के कर्मी वहां पहुंच गए।
उन्होंने बर्मन को हिरासत में लेकर थाने ले गए। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं के करीबी माने जाने वाले बर्मन पिछले साल अक्टूबर में सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में सोने के व्यापारी स्वपन कामिल्या की हत्या के आरोप लगने के बाद से लंबे समय से फरार चल रहे थे।
पिछले साल 29 अक्टूबर को सॉल्ट लेक के दत्ताबाद में एक नहर के पास से कामिल्या का शव बरामद किया गया था।बर्मन पर उसका अपहरण और हत्या करने का आरोप था।
आरोपी बीडीओ इस मामले में एक उप-विभागीय अदालत से अग्रिम जमानत हासिल करने में भी कामयाब रहा था।
इसके बाद बिधाननगर सिटी पुलिस ने अग्रिम जमानत का विरोध करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया।हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत का आदेश खारिज कर दिया और उसे 22 दिसंबर 2025 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
हालांकि जब वह ऐसा करने में विफल रहा, तो बिधाननगर कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
इस स्थिति में बर्मन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने उन्हें 23 जनवरी 2026 तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। तब से बर्मन फरार है।
--आईएएनएस
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