कोलकाता मेसी इवेंट मामला: हाईकोर्ट ने तेजी से सुनवाई की बंगाल के पूर्व मंत्री की याचिका खारिज की

कोलकाता मेसी इवेंट मामला: हाईकोर्ट ने तेजी से सुनवाई की बंगाल के पूर्व मंत्री की याचिका खारिज की

कोलकाता, 8 जून (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल जज वाली वेकेशन बेंच ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की जल्द सुनवाई की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। उन्होंने पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की थी।

बता दें कि यह मामला पिछले साल 13 दिसंबर को लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान साल्ट लेक के युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है।

उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बिस्वास को पेश होना है। इससे पहले, सोमवार सुबह, बिस्वास के वकील और ममता बनर्जी की पिछली सरकार में पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल रहे किशोर दत्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज वेकेशन बेंच में एक याचिका दायर की।

याचिका में उन्होंने पुलिस की सख्त कार्रवाई (जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है) से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। इसी याचिका में, बिस्वास के वकील की ओर से मामले की तेजी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक हियरिंग) की अपील की गई थी।

हालांकि सिंगल जज वेकेशन बेंच ने पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा के लिए मुख्य याचिका को स्वीकार कर लिया, लेकिन मामले की तेजी से सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया।

बता दें कि 2 जून को बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन ने पूर्व मंत्री को पहला नोटिस जारी कर 5 जून को पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा था। हालांकि, 4 जून को बिस्वास ने पुलिस स्टेशन को एक लिखित संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने मेडिकल कारणों से पूछताछ के लिए पेश होने के लिए 14 दिन का समय मांगा था।

हालांकि, रविवार को मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बिस्वास को एक नया नोटिस भेजा और उन्हें 8 जून की दोपहर तक पूछताछ के लिए बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा।

इससे पहले ही, उनके छोटे भाई स्वरूप बिस्वास को भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में महिला सपोर्ट स्टाफ के साथ संदिग्ध व्यवहार के आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है।

शनिवार को, कोलकाता की एक निचली अदालत ने स्वरूप बिस्वास को इस मामले में 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया था। अपनी याचिका में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ने दावा किया था कि अपने छोटे भाई की गिरफ्तारी के बाद, उन्हें भी राज्य पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए जाने की आशंका थी।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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