राजस्थान : राजसमंद के मोही गांव में बाईपास सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

राजस्थान : राजसमंद के मोही गांव में बाईपास सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

राजसमंद, 7 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के राजसमंद जिले के मोही गांव में बाईपास सड़क पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने पंचमुखी चौराहे के पास बाईपास रोड पर लोहे की एंगल लगाकर बड़े वाहनों की आवाजाही लगभग बंद कर दी है। साथ ही सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर रास्ते को इतना संकरा कर दिया गया है कि आम लोगों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, जिस मार्ग पर अतिक्रमण किया गया है, उसका निर्माण सरकार द्वारा बाईपास सड़क के रूप में कराया गया था ताकि भारी वाहनों का आवागमन कस्बे के बाहर से हो सके लेकिन अब सड़क पर लगाए गए अवरोधों और निर्माण सामग्री के कारण बड़े वाहन इस मार्ग का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इससे ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को मजबूरन कस्बे के भीतर से गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण करने वाले लोग इस भूमि को अपनी खातेदारी जमीन बताते हैं और किसी भी विरोध पर विवाद करने लगते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार समझाने के प्रयास किए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके चलते लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।

स्थानीय ग्रामीण महिला सुशीला देवी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया, "रास्ता बाधित होने से गांव के लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है और ग्रामीण चाहते हैं कि सड़क को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।"

वहीं, स्थानीय युवक हेमंत पहाड़िया ने आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति इस मार्ग से वाहन लेकर गुजरने की कोशिश करता है तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि सड़क को निजी रास्ता बताकर लोगों को रोका जाता है, जिससे आम नागरिकों और स्कूली बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

राजसमंद तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन को अतिक्रमण संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पटवारी को मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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