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दुख तो होता है, मैं निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी बनना चाहती हूं: कोको गौफ

कोको गौफ ने यूएस ओपन सेमीफाइनल में हार का सामना किया
दुख

न्यूयॉर्क, 11 सितंबर (आईएएनएस)। संयुक्त राज्य अमेरिका की स्टार टेनिस खिलाड़ी कोको गौफ का यूएस ओपन 2026 का खिताब जीतने का सपना साकार नहीं हो सका। सेमीफाइनल मुकाबले में पहले सेट जीतने के बावजूद उन्हें एलेना रिबाकिना के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

गौफ सेमीफाइनल में मिली हार से काफी निराश नजर आईं। अमेरिकी खिलाड़ी ने कहा कि वह इस निराशा को एक सीख के तौर पर लेंगी और जीत के लिए खुद को ऐसी स्थितियों में लाती रहेंगी। तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी गौफ ने आर्थर ऐश स्टेडियम में सेमीफाइनल में रिबाकिना के खिलाफ एक सेट की बढ़त गंवा दी और दो घंटे आठ मिनट तक चले मुकाबले में 6-3, 4-6, 4-6 से हार गईं।

मैच के बाद गौफ ने कहा कि इस हार से उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि उन्होंने इस गर्मी के सीजन में बहुत कुछ हासिल किया है। लेकिन उस समय गौफ इतनी निराश थीं कि उन्होंने जवाब दिया, "मुझे अभी उस सब से कोई मतलब नहीं है। अभी मेरा पूरा ध्यान सिर्फ इस हार पर है।" गौफ ने माना कि इस समय वह बेहद निराश हैं, क्योंकि यूएस ओपन जीतने का मौका उनके हाथ से निकल गया।

गौफ ने कहा कि उन्हें अपने खेल और पिछले कुछ समय में हुई प्रगति पर गर्व है। हालांकि, ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का एक और मौका गंवाने का दुख अभी भी उनके मन में है। उन्होंने माना कि इस तरह की हार को तुरंत भूलना आसान नहीं होता, खासकर तब जब आप खिताब के इतने करीब पहुंच गए हों।

उन्होंने कहा, "हालांकि, यही लक्ष्य है। मैं निरंतरता के साथ अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी बनना चाहती हूं और ट्रॉफी उठाने के लिए खुद को ज्यादा से ज्यादा मौके देना चाहती हूं। मगर दुख तो होता है। सब कुछ अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि मेरे अंदर का कॉम्पिटिटर कहता है कि यह वो टूर्नामेंट है जिसमें मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने अच्छा प्रदर्शन किया भी, लेकिन यह वो टूर्नामेंट है जिसमें आप जीतना चाहते हैं।"

21 साल की इस खिलाड़ी ने कहा कि वह इस हार से सीख लेंगी और भविष्य में भी खुद को ऐसी स्थितियों में लाने की उम्मीद करती हैं। गौफ ने कहा, "यह सीखने का अनुभव है, और मुझे उम्मीद है कि मैं जीत के लिए खुद को ऐसी स्थितियों में लाती रहूंगी।" न्यूयॉर्क में अपने सफर को याद करते हुए गौफ को लगा कि मुश्किल क्वार्टर फाइनल प्रदर्शन के बावजूद, वह काफी हद तक वैसा टेनिस खेल पाईं जैसा वह खेलना चाहती थीं।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने लगभग हर मैच अपनी शर्तों पर खेला। मेरे हिसाब से यह मेरे लिए सबसे खराब मैच शायद क्वार्टर फाइनल था, जहां शायद मैं पुरानी आदतों में वापस चली गई थी, लेकिन 24 घंटे में मैं उसे बदल पाई, और मुझे लगता है कि यह आगे और बेहतर करने का आत्मविश्वास है।"

गॉफ को इस बात से भी हिम्मत मिली कि उनके पास अभी भी अपने खेल को बेहतर बनाने और और भी बड़े खिताब जीतने की कोशिश करने के लिए काफी समय है। उन्होंने कहा, "मैं सेमीफाइनल में पहुंची दूसरी खिलाड़ियों को देख रही हूं। वे मुझसे तीन या चार साल बड़ी हैं, और मैं बस यह सोच रही हूं कि मैंने इस साल कितनी मेहनत की है और मैं कितनी आगे आ गई हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "अब मैं अगले एक या दो साल तक और मेहनत करने और यह देखने के लिए उत्साहित हूं कि 24 या 25 साल की उम्र में मैं कहां पहुंचती हूं। मैं देखना चाहती हूं कि मेरा खेल मुझे कहां ले जा सकता है, और उम्मीद है कि ऐसे मैचों में जीत मेरी ही होगी।" गॉफ ने शानदार शुरुआत की, पहले सेट के छठे गेम में रिबाकिना की सर्विस तोड़ी और फिर 6-3 से सेट अपने नाम किया। हालांकि, इसके बाद मैच का रुख बदला और रिबाकिना ने दूसरे सेट के चौथे गेम में सर्विस तोड़कर 4-1 की बढ़त बना ली। गॉफ ने वापसी करते हुए स्कोर 4-4 से बराबर किया, लेकिन कजाख खिलाड़ी ने 10वें गेम में फिर से सर्विस तोड़ी और मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।

तीसरा सेट काफी कड़ा रहा, लेकिन रिबाकिना ने आठवें गेम में सर्विस तोड़कर 5-3 की बढ़त बना ली। गॉफ ने हार नहीं मानी, उन्होंने सेट का अपना पहला ब्रेक प्वाइंट हासिल किया और शानदार बैकहैंड पासिंग शॉट की मदद से उसे भुनाते हुए स्कोर बराबर कर लिया। हालांकि, रिबाकिना ने तुरंत जवाब दिया और 10वें गेम में सर्विस तोड़कर सेट को 6-4 से जीतते हुए मैच को अपने नाम कर लिया। फाइनल में रिबाकिना का सामना सबालेंका से होगा।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी