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दुबई एफटीपी वर्कशॉप में टीम भेजेगा बीसीसीआई, अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच ज्यादा अंतराल की मांग

दुबई

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बीच अधिक अंतराल सुनिश्चित करने की अपनी योजना के तहत फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) पर आयोजित एक वर्कशॉप में अपनी ऑपरेशंस टीम भेजेगा।

भारतीय बोर्ड ने हाल ही में सुनिश्चित किया है कि उसने अपने एफटीपी स्टाफ को मैच शेड्यूल करने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि खिलाड़ियों को उचित आराम मिल सके, क्योंकि कई खिलाड़ी बहुत ज्यादा व्यस्त शेड्यूल के कारण चोटिल हो गए थे।

'क्रिकबज' की रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई में 22 और 23 सितंबर को एफटीपी पर एक वर्कशॉप होनी है और बीसीसीआई 2027-31 के इंटरनेशनल एफटीपी मैचों पर चर्चा करने के लिए अपनी ऑपरेशंस टीम को मीटिंग में भेजेगा। इस बीच, उम्मीद है कि दूसरे सभी बोर्ड की ऑपरेशंस टीमें भी मीटिंग में शामिल होंगी और टॉप-8 एसोसिएट सदस्यों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया जाएगा।

बीसीसीआई के सीओई (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) हेड वीवीएस लक्ष्मण, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के साथ मीटिंग के बाद, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने एफटीपी स्टाफ को दिए गए निर्देशों की पुष्टि की।

गुरुवार को मीटिंग के बाद सैकिया ने कहा, "हमने अपने एफटीपी स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि हमारा एफटीपी इस तरह से शेड्यूल किया जाए कि खिलाड़ियों को सही आराम मिले और साथ ही सेना देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में किसी भी बड़ी सीरीज से पहले फ्रेंडली मैचों के जरिए वहां के माहौल में ढलने का मौका भी मिले। एफटीपी स्टाफ जल्द ही अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मीटिंग करेंगे।"

भारतीय खिलाड़ियों को हाल ही में लगी चोटों ने इस बहस को जन्म दिया है। हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और बी. साई सुदर्शन जैसे खिलाड़ी अलग-अलग चोटों के कारण शुरुआती कंडीशनल सेलेक्शन के बावजूद हाल के दौरों में शामिल नहीं हो पाए।

अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज के लिए बीसीसीआई ने पूरी मजबूती वाली टीम चुनी है। हालांकि, बुमराह, सुंदर, रेड्डी और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों का खेलना फिटनेस से जुड़ी चिंताओं के कारण 'फिटनेस पर निर्भर' है।

सैकिया ने चोटों का जिक्र करते हुए टूर्नामेंट के बीच कम समय के अंतर को एक अहम वजह बताया। उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों को चोटें लग रही हैं, क्योंकि उन्हें बहुत सारे मैच खेलने पड़ते हैं। अगर आप उनके शेड्यूल को देखें, तो इंग्लैंड में वनडे के लिए 15 खिलाड़ियों की टीम गई थी, और उनमें से तीन या चार खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल हो गए। हमें यह भी सोचना होगा कि उससे पहले उन्होंने दो महीनों तक आईपीएल खेला था। इसलिए इन सब बातों का खिलाड़ियों की सेहत पर असर पड़ता है। मौजूदा विंडो और एफटीपी के तहत ऐसी स्थितियों से बचने के लिए, हम इससे निपटने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं।"

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले इंटरनेशनल कैलेंडर में और ज्यादा मल्टीलेटरल (बहुपक्षीय) मैच देखने को मिल सकते हैं, एक ऐसा चलन जो अब बहुत कम हो गया है। भारत की आखिरी बहुपक्षीय सीरीज 2018 में हुई थी, जब उन्होंने टी20 निदास ट्रॉफी में हिस्सा लिया था।

इसके अलावा, भारत ने आखिरी बार 2003-04 में बहुपक्षीय टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, उस समय ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड खेलने आए थे। वनडे वर्ल्ड कप 2011 के बाद से भारत तीन बहुपक्षीय वनडे सीरीज में शामिल हुआ है। टीम इंडिया ने 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया में श्रीलंका के साथ तीसरी टीम के तौर पर, 2013 में वेस्टइंडीज में श्रीलंका के साथ और 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के साथ बहुपक्षीय वनडे सीरीज खेली है।

--आईएएनएस

आरएसजी