नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। साल 2023 में ईशान किशन के इंटरनेशनल करियर का ग्राफ तेजी से ऊपर बढ़ रहा था। वनडे में दोहरा शतक और टी20 में लगातार दमदार प्रदर्शन के बूते ईशान ने भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ वह अपना टेस्ट डेब्यू भी कर चुके थे। हालांकि, फिर अचानक ईशान ने निजी कारणों का हवाला देते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया।
बीसीसीआई ने इंटरनेशनल क्रिकेटर्स के लिए इसी दौरान घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, लेकिन ईशान घरेलू खेलने मैदान पर नहीं उतरे। ईशान का यह रवैया बीसीसीआई और सिलेक्टर्स को पसंद नहीं आया और बुलंदियों की तरह तेजी से बढ़ रहा ईशान का करियर अचानक ढलान की ओर जाने लगा। ईशान को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया। इसके बाद हर फॉर्मेट की टीम से उनकी छुट्टी हो गई। सिलेक्टर्स ने ईशान का रिप्लेसमेंट खोजना शुरू कर दिया और हर किसी को लगा कि विकेटकीपर-बल्लेबाज शायद ही अब भारतीय टीम में वापस लौट पाएगा।
सिलेक्शन के लिए होने वाली मीटिंग में ईशान के नाम पर चर्चा तक होने बंद हो गई। हालांकि, इन मुश्किल हालातों में भी ईशान ने हार नहीं मानी। वह पूरी तरह से तरो-ताजा होने के बाद घरेलू क्रिकेट में लौटे। हालात आगे चुनौतीपूर्ण थे और रास्ता बेहद मुश्किल, लेकिन ईशान ने लड़ने की ठानी। घरेलू क्रिकेट में ईशान का बल्ला चला और उन्हें सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट के लिए झारखंड की कप्तानी सौंपी गई। ईशान जानते थे कि हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचने का यही सुनहरा मौका है।
सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में ईशान का प्रदर्शन गजब का रहा। टूर्नामेंट में खेले 10 मैचों में ईशान ने 57 की औसत और 197 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 517 रन बनाए। बल्ले से चमक बिखेरने के साथ-साथ ही ईशान की कप्तानी भी उम्दा रही और वह झारखंड को खिताब दिलाने में सफल रहे। घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन ने उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे एक बार फिर खोले। ईशान भारतीय टी20 टीम में लौटे और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्होंने शतक और एक अर्धशतक लगाते हुए फिर से अपनी काबिलियत को साबित कर दिया। इसके बाद वनडे में भी वह अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगाने में सफल रहे। टी20 विश्व कप 2026 में भी ईशान का बल्ला खूब गरजा और वह भारत की ओर से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 9 मुकाबलों में 193 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए।
भारत टीम में जगह पक्की करने के बावजूद ईशान घरेलू क्रिकेट की एहमियत को समझ चुके थे। यही वजह थी कि वह दलीप ट्रॉफी में खेलने उतरे। ईशान को ईस्ट जोन की कप्तानी सौंपी गई और वह उम्मीदों पर एकदम खरे उतरे। ईशान की अगुवाई में ईस्ट जोन ने फाइनल में साउथ जोन को पहली पारी में ली गई बढ़त के आधार पर हराते हुए 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। फाइनल में ईशान ने पहली पारी में 270 रनों की ऐसी पारी खेली, जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई। खिताबी मुकाबले में उन्होंने कुल मिलाकर 350 रन बनाए।
बल्लेबाजी के साथ-साथ ईशान बतौर कप्तान भी अपनी काबिलियत दिखा रहे हैं। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में ईशान ने कप्तान के तौर पर पिछले 16 मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज की है। दलीप ट्रॉफी में उनकी कप्तानी में ईस्ट जोन ने बिना कोई मैच गंवाए खिताब अपने नाम किया। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कप्तान ईशान का विजयी अभियान साल 2018 से चला आ रहा है।
--आईएएनएस
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