पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट में सख्त फिटनेस नियम लागू किए

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट में सख्त फिटनेस नियम लागू किए

मुंबई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के नए स्पोर्ट्स मेडिसिन हेड ने घरेलू क्रिकेट में एक व्यापक और सख्त फिटनेस पॉलिसी लागू की है। उम्मीद की जा रही है कि इससे खिलाड़ियों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब कई खिलाड़ियों द्वारा घरेलू मुकाबलों से बचने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने और अधिक से अधिक फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने की प्रवृत्ति सामने आई है, जहां उन्हें ज्यादा पैसा मिलता है। 'टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने की जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

सूत्रों ने 'टेलीकॉमएशियाडॉटनेट' को बताया, "कई खिलाड़ी मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करके घरेलू मुकाबलों से बचते हैं, ताकि वे फ्रेंचाइजी क्रिकेट के लिए अपनी ऊर्जा बचा सकें, जहां उन्हें घरेलू मुकाबलों की तुलना में तीन गुना ज्यादा पैसा मिलता है।"

पाकिस्तान जैसी टीमें इंटरनेशनल फिटनेस स्टैंडर्ड्स को पूरा करने में काफी पीछे हैं और अक्सर फिटनेस की समस्याओं के कारण खिलाड़ियों को खो देती हैं। जब से नए स्पोर्ट्स मेडिसिन डायरेक्टर डॉ. जावेद मुगल आए हैं, उन्होंने सख्त फिटनेस प्रोसेस लागू किए हैं।

सूत्रों ने कहा, "मोहम्मद रिजवान, सऊद शकील, फखर जमान और नसीम शाह जैसे कुछ सीनियर खिलाड़ियों को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें तय किए गए पूरे फिटनेस रूटीन का पालन करने के लिए कहा गया। यहां तक कि रिजवान को टूर से बाहर किए जाने की नौबत आ गई थी, उन्हें वेस्टइंडीज टूर के लिए तभी चुना गया, जब उन्होंने अपना रिहैब पूरा कर लिया।"

सूत्रों ने 'टेलीकॉमएशियाडॉटनेट' को बताया, "सभी उम्र के खिलाड़ियों और घरेलू फर्स्ट-क्लास टीमों के लिए एक नया टू-टियर प्लान बनाया गया है। इसे इंटरनेशनल क्रिकेट की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है और इसे आसान, भरोसेमंद, मजबूत और बार-बार दोहराए जा सकने वाला रखा गया है। टेस्टिंग के टियर 1 में 20 रीजनल, आठ डिपार्टमेंटल फर्स्ट-क्लास और 25 से ज्यादा ग्रेड-टू डिपार्टमेंटल टीमें शामिल हैं, जबकि टेस्टिंग का टियर 2 सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-19 डिस्ट्रिक्ट, अंडर-15 और अंडर-17 रीजनल टीमों के लिए है। टियर 1 वाले खिलाड़ी 11 अलग-अलग टेस्ट देंगे, जबकि टियर 2 के खिलाड़ी कुल आठ टेस्ट देंगे।"

रिपोर्ट के अनुसार, "टियर 1 में खिलाड़ियों को 11 टेस्ट में स्कोर करने के 17 मौके मिलेंगे, जबकि टियर 2 में आठ टेस्ट में स्कोर करने के 12 मौके मिलेंगे। खिलाड़ी 7 तक 'रेड स्कोर' (खराब स्कोर) के साथ भी टियर 1 टेस्ट पास कर सकते हैं, लेकिन आठ या उससे ज्यादा रेड स्कोर पाने वालों को असफल माना जाएगा और वे एक बार दोबारा टेस्ट दे सकते हैं। टियर 2 में छह या उससे अधिक रेड स्कोर पाने वाले खिलाड़ी भी टेस्ट में फेल हो जाएंगे।"

सूत्रों के अनुसार, कड़े फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए सभी खिलाड़ियों को छह महीने बाद फिर से इन फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। इन परीक्षणों की निगरानी सख्ती से की जाएगी और कोचों की देखरेख में इन्हें आयोजित किया जाएगा, ताकि किसी भी खिलाड़ी को पक्षपात के आधार पर पास नहीं किया जा सके।

--आईएएनएस

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