नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने के लिए प्रतियोगिता बहुत कड़ी है। प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिलना बहुत मुश्किल होता है। स्थापित क्रिकेटर भी किसी भी कीमत पर बाहर नहीं होना चाहते और इसके लिए बड़ा त्याग करते हैं। ऑलराउंडर दीपक चाहर की कहानी थोड़ी अलग है। दीपक ने बीमार पिता की देखभाल के लिए टीम इंडिया से अपना नाम वापस ले लिया था। उसके बाद से उन्हें कभी टीम में मौका नहीं मिला है।
दीपक चाहर का चयन 2024 में भारतीय टी20 टीम में हुआ था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लंबे समय बाद चाहर भारतीय टीम में लौटे थे। लेकिन, उस समय चाहर के पिता की हालत ठीक नहीं थी। उनके पिता को ब्रेन स्ट्रोक हुआ था और वह अस्पताल में भर्ती थे। अपने पिता की देखभाल के लिए चाहर ने दक्षिण अफ्रीका दौरे से अपना नाम वापस ले लिया था। वह 25 दिन अस्पताल में रहे और अपने पिता को सकुशल घर वापस लेकर लौटे। पिता के ठीक होने के बाद ही उन्होंने फिर से क्रिकेट खेलना शुरू किया।
दीपक को उसके बाद अब तक भारतीय टीम में फिर मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने कभी इस पर अफसोस नहीं किया है।
दीपक चाहर का जन्म 7 अगस्त 1992 को आगरा में हुआ था। वह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। उनमें बल्लेबाजी की क्षमता भी है। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए वे बड़े शॉट लगाने के लिए जाने जाते हैं। दीपक के लिए उनकी फिटनेस हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है और इसी वजह से वह भारतीय टीम और अपनी आईपीएल टीमों से अंदर-बाहर होते रहते हैं।
2018 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले चाहर ने 13 वनडे में 16 विकेट लिए हैं और 2 अर्धशतक लगाते हुए 203 रन बनाए हैं। वहीं, 25 टी20 में उन्होंने 31 विकेट लिए हैं। दिसंबर 2023 के बाद वह भारतीय टीम से बाहर रहे हैं।
चाहर ने 2016 में आईपीएल डेब्यू किया था। 2026 तक 103 मैचों में वह 96 विकेट ले चुके हैं। दीपक आईपीएल राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा रहे हैं। 2025 से वह मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं।