'आपने सिर्फ पदक ही नहीं जीते, बल्कि एक पीढ़ी तैयार की है', सीडब्ल्यूजी 2026 के मेडल विजेताओं से बोले पीएम मोदी

'आपने सिर्फ पदक ही नहीं जीते, बल्कि एक पीढ़ी तैयार की है', सीडब्ल्यूजी 2026 के मेडल विजेताओं से बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए गेम्स में देश की झोली में कुल 39 मेडल आए। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए मेडल जीतकर लौटे खिलाड़ियों संग खास मुलाकात की। उन्होंने प्लेयर्स की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी।

पीएम मोदी ने अपने आवास पर हुई मुलाकात के दौरान पैरा-एथलीटों की विशेष रूप से सराहना की गई। ग्लासगो गेम्स के मेडल विजेताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सफलता सिर्फ एक मेडल जीतने से कहीं ज्यादा अहम है। उन्होंने जोर दिया कि उनके प्रदर्शन से देश में खेलों का माहौल बन रहा है और युवा खिलाड़ी प्रेरित हो रहे हैं।

मोदी ने खिलाड़ियों से कहा, "मैं इस उपलब्धि को सिर्फ आपकी उपलब्धि नहीं मानता। आपकी जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनती है।आपने सिर्फ मेडल की संख्या ही नहीं बढ़ाई है। आपने एक पूरी पीढ़ी तैयार की है।" मोदी ने बच्चों को प्रेरित करने में खेलों की सफलता की ताकत पर भी जोर दिया और कहा, "शायद हम स्कूलों में जाकर बच्चों से बात करके जो काम कर सकते थे, उससे कहीं अधिक आपके मेडल उन्हें प्रेरित करते हैं।"

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा, "दोस्तों, आपने बहुत अच्छा काम किया है। आपने देश का मान बढ़ाया है। मैं आपको दिल से बधाई देता हूं।" उन्होंने मेडल विजेताओं को उत्कृष्टता की अपनी कोशिश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, "मेरा यकीन मानिए, आप भविष्य में भी जीत हासिल करते रहेंगे और हम एक बार फिर यहां मिलेंगे।"

प्रधानमंत्री ने भारत के खेल जगत में आगे बढ़ने में खिलाड़ियों के योगदान की भी तारीफ की और कहा कि पिछले दशक में उनकी कोशिशों ने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की परंपरा स्थापित करने में मदद की है। पीएम मोदी ने कहा, "मैं कई खिलाड़ियों से मिला हूं, लेकिन आपसे इसलिए मिल रहा हूं क्योंकि आपने पिछले 10-12 वर्षों में लगातार भारत को जीत दिलाई है और खेल के क्षेत्र में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की परंपरा बनाई है।"

ग्लासगो में भारत मेडल तालिका में चौथे स्थान पर रहा और देश ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। यह उपलब्धि तब हासिल हुई जब भारत ने बहुत सीमित इवेंट्स में हिस्सा लिया था, क्योंकि कई ऐसे खेल शामिल नहीं थे जिनमें भारत आमतौर पर मेडल जीतता है, जैसे कि रेसलिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग।

बॉक्सिंग में भारतीय टीम ने गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते। गोल्ड मेडल जीतने वालों में प्रीति पवार (54 किलोग्राम कैटेगरी), जैस्मिन लैंबोरिया (57 किलोग्राम कैटेगरी), साक्षी चौधरी (51किलोग्राम कैटेगरी), प्रिया घांघस (60 किलोग्राम कैटेगरी), अरुंधति चौधरी (70 किलोग्राम कैटेगरी), सचिन सिवाच (60 किलोग्राम कैटेगरी) और अंकुश पांघल (80 किलोग्राम कैटेगरी) शामिल रहे।

जादुमनी सिंह (55 किलोग्राम कैटेगरी), लवलीना बोरगोहेन (75 किलोग्राम कैटेगरी) और नरेंद्र बेरवाल (90 किलोग्राम से ज्यादा वाली कैटेगरी) ने सिल्वर मेडल जीते; भारत के सात बॉक्सिंग गोल्ड मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला बॉक्सर्स का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन भी था। पीएम मोदी ने भारतीय बॉक्सर्स के प्रदर्शन और उससे देश को मिले आत्मविश्वास के लिए उनकी तारीफ भी की। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, आपका वीडियो कोई आम वीडियो नहीं है और लोग इसे लंबे समय तक याद रखेंगे। असल में अब दुनिया भर के बॉक्सर्स हमसे डरने लगे हैं।"

भारत ने जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और 12 इवेंट्स में चार मेडल जीते। जूडो में आए दो गोल्ड मेडल ऐतिहासिक थे क्योंकि 'खेलो इंडिया' प्रोग्राम से जुड़े एथलीट अस्मिता डे और हर्ष सिंह, जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले क्रमशः पहले भारतीय महिला और पुरुष बने।

एथलेटिक्स में 10 मेडल जीते गए, जिनमें पांच सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज शामिल थे और गुलवीर सिंह ने एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बनकर इतिहास रचा। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल और 5,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

--आईएएनएस

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