नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार का राष्ट्रीय अंतरविषयी साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (एनएम-आईसीपीएस) देश में उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास, नवाचार और कौशल निर्माण का प्रमुख आधार बनकर उभरा है। एक आधिकारिक फैक्टशीट में सोमवार को कहा गया कि इस मिशन ने अब तक 1,146 प्रौद्योगिकियों के विकास को सक्षम बनाया है और कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खनन, साइबर सुरक्षा, उन्नत संचार तथा पोजिशनिंग जैसे क्षेत्रों में 1,329 प्रौद्योगिकी उत्पादों के विकास में योगदान दिया है।
फैक्टशीट के अनुसार, इस मिशन के तहत कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें अब तक 2.46 लाख से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। एनएम-आईसीपीएस, टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) और ट्रांसलेशनल रिसर्च पार्क (टीटीआरपी) के माध्यम से प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और उद्यमिता को एकीकृत करते हुए एक व्यापक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है। इसके साथ ही मिशन ने बौद्धिक संपदा के निर्माण और लाइसेंसिंग को भी बढ़ावा दिया है।
फैक्टशीट में कहा गया है कि मानव संसाधन विकास और कौशल उन्नयन के क्षेत्र में चाणक्य फेलोशिप कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो साइबर-फिजिकल सिस्टम से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इस योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल शोधार्थियों को अब तक 5,824 फेलोशिप प्रदान की जा चुकी हैं।
मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य अनुसंधान-आधारित नवाचारों को व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाना भी है। इसी दिशा में एनएम-आईसीपीएस ने अब तक 1,136 स्टार्टअप और स्पिन-ऑफ कंपनियों को प्रोत्साहित और इनक्यूबेट किया है। इन पहलों के माध्यम से 24,000 से अधिक रोजगार सृजन हुए हैं।
सरकार ने मिशन के तहत देशभर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब स्थापित किए हैं। सेक्शन-8 कंपनियों के रूप में स्थापित ये हब नई तकनीकों के विकास, शोध को उत्पादों में बदलने और तकनीक-आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
फैक्टशीट के अनुसार, ये टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब चार प्रमुख क्षेत्रों पर काम करते हैं, जिनमें प्रौद्योगिकी विकास, मानव संसाधन एवं कौशल विकास, नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संवर्धन, तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल हैं।
एनएम-आईसीपीएस देश में साइबर-फिजिकल सिस्टम-आधारित अनुसंधान, नवाचार और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा उपलब्ध कराता है।
यह मिशन शिक्षा जगत, उद्योग, सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को एक साझा मंच पर लाता है, ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान को राष्ट्रीय आवश्यकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और उभरते बाजार अवसरों से जोड़ा जा सके।
बयान में कहा गया है कि यह मिशन अनुसंधान एवं विकास से लेकर उत्पाद निर्माण और स्टार्टअप स्थापना तक पूरे नवाचार चक्र को कवर करता है। सरकार का मानना है कि इससे भारत को साइबर-फिजिकल सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वचालन और अन्य उभरती तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
--आईएएनएस
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