ई20 पेट्रोल से पुराने वाहनों में माइलेज थोड़ा घट सकता है, लेकिन इंजन को नुकसान का कोई सबूत नहीं: सरकार

ई20 पेट्रोल से पुराने वाहनों में माइलेज थोड़ा घट सकता है, लेकिन इंजन को नुकसान का कोई सबूत नहीं: सरकार

 

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि ई20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल से ई10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता (माइलेज) में मामूली कमी आ सकती है। हालांकि, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहनों में खराबी आने का कोई सत्यापित (वेरिफाइड) प्रमाण नहीं मिला है।

राज्यसभा में पूछे गए सवालों के लिखित जवाब में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि ई10 के लिए डिजाइन किए गए पुराने वाहनों में माइलेज में होने वाली कमी आमतौर पर करीब 3 से 5 प्रतिशत तक ही सीमित रहती है।

उन्होंने कहा कि किसी वाहन का माइलेज केवल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग की आदत, वाहन का रखरखाव, टायर प्रेशर, व्हील अलाइनमेंट और एयर कंडीशनर (एसी) के उपयोग जैसे कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।

सुरेश गोपी ने कहा, "ई10 के लिए डिज़ाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता में होने वाली कमी सामान्यतः मामूली (करीब 3-5 प्रतिशत) होती है।"

उन्होंने आगे कहा, "कुछ पुराने वाहनों में माइलेज में हल्की गिरावट आ सकती है, लेकिन ई20 पेट्रोल के कई फायदे भी हैं। इसमें अधिक ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉक प्रदर्शन, बेहतर दहन क्षमता और अधिक स्मूथ एक्सीलरेशन मिलता है।"

इस बीच, इसी महीने 7 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ई20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर आलोचकों को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि यदि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से किसी वाहन को नुकसान हुआ हो, तो उसका एक भी उदाहरण सामने लाकर दिखाया जाए। साथ ही उन्होंने माइलेज कम होने और अन्य दावों को "पेड कैंपेन" का हिस्सा बताया था।

'विकसित भारत कॉन्क्लेव' में बोलते हुए नितिन गडकरी ने कहा था, "ई20 पेट्रोल की वजह से किसी भी कार में खराबी आने का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अगर किसी वाहन में ई20 पेट्रोल से समस्या हुई है, तो उसका सिर्फ एक उदाहरण बता दीजिए।"

उन्होंने यह भी कहा था, "उच्च एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं। ये सब पेड कैंपेन का हिस्सा हैं।"

--आईएएनएस

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