हरिद्वार: नगर निगम भूमि घोटाले में विजिलेंस की इस व्यापक कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को विजिलेंस ने कार्रवाई तेज करते हुए एक साथ 10 आरोपियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। नगर निगम हरिद्वार भूमि घोटाले की जांच में मामले में आईएएस अधिकारी समेत सभी 10 आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज होने के बाद दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार सहित उनके आवासों और कार्यालयों पर एक साथ कार्यवाही अमल बेले गई गई। जांच के दौरान विजिलेंस की टीम ने विभिन्न स्थानों पर दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इस प्रकरण में पूर्व जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह के खिलाफ वृहद दंड तथा तत्कालीन नगर आयुक्त रहे आईएएस वरुण चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने की संस्तुति पहले ही की जा चुकी थी। अब मुकदमा दर्ज होने के बाद विजिलेंस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन किसानों के खाते में भूमि के बाबत लेनदेन किया गया है उनकी भी जांच की जाएगी। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। नगर निगम भूमि घोटाले में विजिलेंस की इस व्यापक कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच में अभी भी कई ऐसे बिंदु हैं जो विजिलेंस की नजर से दूर है या फिर वह जानबूझकर या किसी के इशारे पर नदरनदाज कर रही है।







