
हरिद्वार: चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने उसे तीन महीने के कारावास व 85,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विष्णुलोक कालोनी, ज्वालापुर निवासी साजिदा खातून उर्फ साजदा पत्नी वकील अहमद और आरोपी मौ० आजम सैफी निवासी अहबाब नगर, ज्वालापुर के बीच पुरानी पारिवारिक जान-पहचान थी। अक्टूबर 2022 में आजम ने अपनी निजी जरूरत के लिए साजिदा से 75,000 रुपये उधार लिए थे और दो महीने में लौटाने का वादा किया था।
दो महीने बीतने पर जब साजिदा ने अपनी धनराशि वापस मांगी, तो आजम ने केनरा बैंक, शाखा ज्वालापुर का 75,000 रुपये का एक चेक साजिदा को दिया था। जनवरी 2023 के आखिरी हफ्ते में जब साजिदा ने इस चेक को अपने बैंक खाते में भुगतान के लिए लगाया, तो खाता बंद होने के कारण चेक बाउंस कर वापस कर दिया। इसके बाद जब साजिदा ने आजम से संपर्क किया तो उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। साजिदा ने अपने अधिवक्ता कुनाल शर्मा के माध्यम से कानूनी नोटिस भी भिजवाया, लेकिन आरोपी आजम ने न तो कोई जवाब दिया और न ही पैसे लौटाए थे।
दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी आजम सैफी को दोषी पाते हुए 3 माह के कारावास व 85 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 85 हजार रुपए में से 10000 रु सरकारी खाते में तथा शेष धनराशि परिवादनी साजिदा खातून को दिए जाने के आदेश भी दिए है।