देहरादून: उत्तराखंड में स्थानीय निकायों, विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारी, उपनल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण व राज्य में असंगठित क्षेत्र के विभिन्न वर्गों के श्रमिकों के हितों की लड़ाई कांग्रेस पार्टी के झंडे के नीचे लड़ी जाएगी। वहीं इस अवसर पर दो सौ श्रमिकों को भी सम्मानित किया गया। यहां आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित श्रमिक सम्मान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन व प्रशासन सूर्यकांत धस्माना ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिनका अपना कोई संगठन या ट्रेड यूनियन नहीं है और इसलिए उनका जब शोषण या उत्पीड़न होता है तो उनकी लड़ाई कोई नहीं लड़ता जिससे उनको न्याय नहीं मिल पाता है।
इस अवसर पर धस्माना ने कहा कि सड़कों पर ठेली, रेहड़ी पटरी लगाने वाले, ध्याड़ी मजदूरी करने वाले मजदूर व राज मिस्त्री, मोटर मकैनिक, प्लंबर, फिटर, कारपेंटर, दर्जी, मोची, नाई, फैब्रिकेटर समेत अनेक ऐसे ट्रेड हैं जिन पर काम करने वाले श्रमिकों का कोई संगठन नहीं है और इस कारण से इनकी न्यूनतम मजदूरी, इनके स्वास्थ्य आदि समस्याओं पर कोई संगठित संघर्ष नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ अब ऐसे ट्रेड के लोगों को कांग्रेस के बैनर के नीचे संगठित किया जाएगा और फिर इन वर्गों के श्रमिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियां मजदूर विरोधी व पूंजीपति के पक्ष में है और देश व प्रदेश में मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों की संख्या नगण्य हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस कमी को कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड में दूर करेगी और श्रमिकों की लड़ाई के लिए श्रम प्रकोष्ठ पूरी ताकत से काम करेगा।






