यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री ने जयशंकर से की बात, रूस की आक्रामकता और युद्ध के वैश्विक प्रभावों पर चर्चा

यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री ने जयशंकर से की बात, रूस की आक्रामकता और युद्ध के वैश्विक प्रभावों पर चर्चा

नई द‍िल्‍ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने गुरुवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से फोन पर बात की। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की और यूक्रेन में जारी युद्ध के वैश्विक प्रभावों पर विचार साझा किए।

व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बातचीत के बाद यूक्रेन के कार्यवाहक विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''हमारी बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए मेरी भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई। हमने हाल ही में हुए अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में एक-दूसरे को जानकारी दी। मैंने अपने भारतीय सहयोगी को राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की हाल की वॉशिंगटन डीसी यात्रा के नतीजों के बारे में भी बताया।''

सिबिहा ने बताया क‍ि मैंने इस बात पर जोर दिया कि रूस के आक्रामक कदमों के असर सिर्फ यूक्रेन तक सीमित नहीं हैं। काला सागर (ब्लैक सी) में नागरिक जहाजों पर हमले करके रूस समुद्री मार्गों की आजादी को कमजोर कर रहा है और वैश्विक खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। साथ ही, यह युद्ध दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ा रहा है, जिसका असर हमारे क्षेत्र से बहुत दूर स्थित देशों पर भी पड़ रहा है।

सिबिहा ने बताया क‍ि मैंने दोहराया कि यूक्रेन एक व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैंने भारत से भी शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

वहीं, व‍िदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से उनकी और मेरी हालिया यात्राओं के बाद फिर से बात करके खुशी हुई।

ब्लैक सी (काला सागर) में जहाजों और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों पर चर्चा हुई। किसी भी पक्ष की ओर से ऐसे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और भारत उनकी स्पष्ट रूप से निंदा करता है।''

जयशंकर ने बताया क‍ि सिबिहा ने मुझे यूक्रेन संघर्ष और शांति वार्ताओं से जुड़े हालिया घटनाक्रमों की जानकारी दी। भारत हमेशा से संबंधित पक्षों के बीच बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहा है।

जयशंकर ने कहा, ''मैंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति काफी नाजुक है, क्योंकि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कई संघर्ष चल रहे हैं। इसका असर खास तौर पर वैश्विक दक्षिण के देशों की ईंधन, उर्वरक (खाद) और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। हम इस मुद्दे पर आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।''

गुरुवार तड़के ही रूस के हमलों में पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्‍लंघन क‍िया गया, ज‍िसको लेकर पोलैंड ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

यूरो न्यूज के अनुसार, पोलैंड के तारनावा कोलोनिया इलाके के लोगों ने गुरुवार सुबह करीब चार बजे एक जोरदार धमाका सुना, जिससे उनके घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। पुलिस को एक खेत में लगभग दस मीटर चौड़ा गड्डा और किसी अज्ञात वस्तु का मलबा मिला। यह जगह घरों से करीब दस किलोमीटर दूर है।

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब रूस यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला कर रहा था।

टस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "पश्चिमी यूक्रेन पर रूस के बड़े मिसाइल हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ। इस घटना के बाद मैंने रक्षा मंत्री और संबंधित एजेंसियों के साथ एक समन्वय टीम की बैठक बुलाई है। यह टीम कई घंटों से मौके पर काम कर रही है और मुझे लगातार घटना से जुड़ी सभी जानकारी दे रही है।"

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि रूस के बड़े हमले के दौरान पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ। उन्होंने यूक्रेन और पोलैंड की सरकारों तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ एकजुटता जताई, जो लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रही हैं।

--आईएएनएस

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