युगांडा में इबोला प्रकोप से राहत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश को वायरस मुक्त घोषित किया

युगांडा में इबोला प्रकोप से राहत, स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश को वायरस मुक्त घोषित किया

कंपाला, 28 जुलाई (आईएएनएस)। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर देश में फैले ईबोला संक्रमण के खत्‍म होने की घोषणा की। मंत्रालय का कहना है कि महामारी की गहन जांच और पूरे प्रकोप की स्पष्ट जानकारी मिलने से वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो गया है कि अब वायरस का फैलाव रुक चुका है।

स्वास्थ्य मंत्री क्रिस बार्योमुन्सी के बयान के अनुसार, "स्वास्थ्य मंत्रालय घोषणा करते हुए खुश है कि युगांडा में 2026 का इबोला प्रकोप आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। युगांडा इबोला-मुक्त है।"

यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) की तय 42 दिन की सामान्य प्रतीक्षा अवधि पूरी होने से पहले की गई। युगांडा ने अपने आखिरी इबोला मरीज को 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी थी, जब उसकी जांच रिपोर्ट में वायरस नहीं मिला।

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि प्रकोप का स्रोत पता चल गया था, संक्रमण की पूरी कड़ी को समझ लिया गया था, सभी पुष्टि किए गए मामलों को आपस में जोड़ा जा चुका था, सभी संपर्क में आए लोगों की निगरानी पूरी हो गई थी और पूरे देश में निगरानी के दौरान कहीं भी नए संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया।

मंत्रालय ने कहा कि 42 दिन का नियम उन मामलों में बहुत जरूरी है, जहां संक्रमण का फैलाव साफ नहीं हो या अभी भी जारी हो। अगर बाहर से आया कोई प्रकोप पूरी तरह समझ लिया गया हो और यह पक्का हो जाए कि संक्रमण की सभी कड़ियां खत्म हो चुकी हैं, तो सिर्फ 42 दिन पूरे होने का इंतजार करना जरूरी नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि युगांडा आगे भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत करेगा, खासकर सीमावर्ती इलाकों में पूरी तैयारी बनाए रखेगा और पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा। साथ ही लोगों, पर्यटकों और निवेशकों को भरोसा दिलाया गया कि देश पूरी तरह सुरक्षित है और कारोबार, पर्यटन तथा दूसरी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों के लिए खुला है।

युगांडा ने 15 मई को इबोला प्रकोप की घोषणा की थी, जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो से आए एक संक्रमित व्यक्ति में इबोला की पुष्टि हुई थी। इस प्रकोप के दौरान देश में कुल 20 मामलों की पुष्टि हुई। इनमें 18 लोग ठीक हो गए, जबकि दो लोगों की मौत हुई।

डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, इबोला एक गंभीर और कई बार जानलेवा बीमारी है, जो इंसानों और दूसरे प्राइमेट जीवों को प्रभावित करती है। यह वायरस सबसे पहले जंगली जानवरों, जैसे फल खाने वाले चमगादड़ों, साही और बंदरों जैसे अन्य प्राइमेट से इंसानों में फैल सकता है। इसके बाद यह संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ, अंगों या शरीर के अन्य द्रवों के सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आई चादर, कपड़े और दूसरी चीजों के जरिए भी यह संक्रमण फैल सकता है।

--आईएएनएस

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