बीजिंग, 18 जुलाई (आईएएनएस)। 17 से 20 जुलाई तक पूर्वी चीन के महानगर शांगहाई में 2026 विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सम्मेलन (डब्ल्यूएआईसी) और एआई वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।
17 जुलाई को उद्घाटन समारोह में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मुख्य भाषण देते हुए निष्पक्ष और संतुलित वैश्विक एआई शासन प्रणाली के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने एआई के तेज विकास से पैदा हो रही चुनौतियों पर विस्तार से बात की और वैश्विक एआई शासन के लिए चार प्रमुख सुझाव पेश किए।
राष्ट्रपति शी के भाषण को सम्मेलन में मौजूद प्रतिनिधियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आम राय है कि चीन समावेशी, न्यायसंगत, सुरक्षित, नियंत्रित और मानव हित केंद्रित एआई के विकास की वकालत कर रहा है, जो एक प्रमुख शक्ति के रूप में उसकी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
अपने संबोधन में शी चिनफिंग ने कई अहम सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब मशीनें सोचने लगें, एल्गोरिदम फैसलों में भाग लेने लगें और नई प्रौद्योगिकी नैतिक मूल्यों को चुनौती देने लगे, तब मानव समाज को किस तरह संतुलित शासन व्यवस्था विकसित करनी चाहिए। उन्होंने न्यायसंगत और समावेशी वैश्विक एआई शासन प्रणाली के निर्माण का आह्वान करते हुए चार प्रमुख सिद्धांत सामने रखे। इनमें खुले और सहयोग आधारित एआई नवाचार को बढ़ावा देना, जोखिमों के प्रति सतर्क रहकर सुरक्षा सुनिश्चित करना, एआई के विविध उपयोगों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और सच्चे बहुपक्षवाद के आधार पर वैश्विक एआई सहयोग को मजबूत करना शामिल है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये चार सिद्धांत विकास, सुरक्षा, सभ्यता और शासन जैसे चार महत्वपूर्ण आयामों को समेटते हैं। इनके माध्यम से चीन ने वैश्विक एआई शासन को लेकर अपनी सोच और प्रस्तावों को व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत किया है। साथ ही, उन्होंने जनकल्याण और मानव हित को एआई विकास के केंद्र में रखने पर भी जोर दिया है।
आज चीन की बुद्धिमान अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख उद्योगों का आकार 10 खरब युआन से अधिक हो चुका है। "इंटेलिजेंट मैन्युफैक्चरिंग इन चाइना" अब चीनी शैली के आधुनिकीकरण का नया प्रतीक बनकर उभरा है। इसके साथ ही चीन ओपन सोर्स, खुलेपन, सहयोग और साझेदारी की नीति पर भी जोर दे रहा है। वर्तमान में चीन के ओपन सोर्स बड़े एआई मॉडलों के डाउनलोड की संख्या 10 अरब से अधिक पहुंच चुकी है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।
चीन एआई के क्षेत्र में वैश्विक शासन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी लगातार आगे बढ़ा रहा है। पिछले वर्ष विश्व एआई सहयोग संगठन की स्थापना का प्रस्ताव रखने के बाद इस वर्ष उसके स्थापना समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एआई के क्षेत्र में यह दुनिया का पहला अंतर-सरकारी संगठन होगा, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों की आवश्यकताओं और मानकों के बीच तालमेल बढ़ाना, सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक एआई विकास के लिए साझा मंच तैयार करना है।
चीन का योगदान केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ठोस कदम भी उठा रहा है। अगले पांच वर्षों में चीन विकासशील देशों के लिए एआई से जुड़े 5,000 प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा आसियान, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, सीलैक, एससीओ और ब्रिक्स देशों के साथ एआई अनुप्रयोग सहयोग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। चीन 'माज़ू' नामक एआई आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली भी 30 देशों में तैनात करेगा। इन पहलों का उद्देश्य अधिक से अधिक देशों तक डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लाभ पहुंचाना है।
इस वर्ष के डब्ल्यूएआईसी में 300 से अधिक अत्याधुनिक एआई उत्पाद पहली बार वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं। वहीं, 140 से अधिक मंचों पर 1,400 से ज्यादा चीनी और विदेशी विशेषज्ञ एआई के भविष्य और वैश्विक रुझानों पर चर्चा कर रहे हैं। इस सम्मेलन ने दुनिया का ध्यान केवल चीन की तकनीकी उपलब्धियों के कारण ही नहीं, बल्कि वैश्विक सार्वजनिक हित में उसके योगदान के कारण भी आकर्षित किया है।
चीन ने एक बार फिर दोहराया है कि वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के स्वस्थ और जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि एआई पूरी मानवता के कल्याण और मानव सभ्यता की प्रगति का एक सशक्त माध्यम बन सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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