'विश्व महापौर संवाद-शीश्वांगपान्ना' में हरित विकास पर चर्चा

'विश्व महापौर संवाद-शीश्वांगपान्ना' में हरित विकास पर चर्चा

बीजिंग, 16 जुलाई (आईएएनएस)। 'विश्व महापौर संवाद-शीश्वांगपान्ना- 2026' कार्यक्रम मंगलवार से गुरुवार तक दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के शीश्वांगपान्ना ताई जातीय स्वायत्त प्रिफ़ेक्चर में आयोजित किया गया।

'वर्षावन और घर: सह-अस्तित्व, सह-निर्माण, साझाकरण' विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य मंच, स्थलीय दौरे और अन्य गतिविधियाँ शामिल थीं, जिनमें ग्रामीण पुनरुद्धार, विशेष उद्योग विकास और पारिस्थितिक संरक्षण पर आदान-प्रदान किया गया।

शीश्वांगपान्ना वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट है, जिसमें विश्व का सबसे बड़ा संरक्षित उष्णकटिबंधीय वर्षावन पारिस्थितिकी तंत्र है। यह चीनी जंगली एशियाई हाथियों का घर है, जहां चीन का पहला 'एशियाई हाथी निगरानी एवं चेतावनी केंद्र' स्थापित किया गया है।

बुधवार को, विश्व महापौर संवाद में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के मेहमानों ने शीश्वांगपान्ना के हरित क्षेत्रों का दौरा किया। चिंगहोंग शहर के मेंगहान कस्बे के सानमान गांव में, लाओस, म्यांमार और अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने चीनी ग्रामीण पुनरुद्धार को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

साथ ही, अन्य तीन ताई जातीय गांवों के समन्वित विकास ने पारंपरिक वास्तुकला और संस्कृति को संरक्षित करते हुए नए कृषि-पर्यटन व्यवसाय मॉडल तैयार किए हैं। मेहमानों ने कोको प्रसंस्करण में भाग लिया और ताई लोक रीति-रिवाजों का अनुभव किया।

शीश्वांगपान्ना हाथी घाटी में, 4,000 मीटर से अधिक लंबा वर्षावन पथ पर हाथियों के मुक्त आवागमन के लिए डिजाइन किया गया है। मेहमानों ने कहा कि पारिस्थितिकी और सुरक्षा का यह संतुलन चीन की पारिस्थितिक सभ्यता में ज्ञान को दर्शाता है, जो एक सीखने योग्य अनुभव है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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