Trump Nobel Peace Claim : कई युद्धों को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए मैं नोबेल पुरस्कार का हकदार : ट्रंप

ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध टालने का दावा करते हुए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की
कई युद्धों को रोकने और लोगों की जान बचाने के लिए मैं नोबेल पुरस्कार का हकदार : ट्रंप

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उनका कहना है कि उन्होंने कई बड़े युद्धों को रुकवाया है, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टालना भी शामिल है। ट्रंप ने दावा किया कि किसी और नेता ने इतने बड़े और गंभीर संघर्षों को इस तरह नहीं रोका।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसे झगड़ों को सुलझाया जो कई दशकों से चले आ रहे थे और कई नए युद्धों को बढ़ने से पहले ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने अक्सर सेना का इस्तेमाल भी नहीं किया।

ट्रंप ने कहा, "चाहे लोग मुझे पसंद करें या नहीं, लेकिन सच्चाई यह है कि मैंने आठ युद्ध खत्म कराए।" उनके अनुसार, इनमें से कुछ संघर्ष 36 साल, 32 साल, 31 साल, 28 साल और 25 साल से चल रहे थे।

उन्होंने दक्षिण एशिया का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह इलाका बहुत खतरनाक माना जाता है। अमेरिका की पहल से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव युद्ध में बदलने से पहले ही थम गया। उस समय हालात ऐसे थे कि दोनों तरफ से विमानों को गिराया जा चुका था। यह संकट बहुत जल्दी शांत हो गया और इसमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं हुआ। उनके मुताबिक, यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, "और मैंने इसे बिना परमाणु हथियारों के तेजी से कर दिखाया। मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है।" ट्रंप ने कहा कि बचाई गई जानों की संख्या नोबेल सम्मान के लिए काफी है।

ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी सार्वजनिक रूप से यह बात कही थी कि ट्रंप की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव टल गया और कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बची।

उन्होंने कहा, "आप जानते हैं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां आए थे, और उन्होंने एक बहुत ही सार्वजनिक बयान दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत से जुड़े कम से कम 10 मिलियन लोगों की जान बचाई है। हमारा तरीका लंबे समय तक युद्ध करने के बजाय सीधे बातचीत और दबाव बनाने पर केंद्रित था। ये बड़े युद्ध थे। ये ऐसे युद्ध थे जिनके बारे में किसी ने नहीं सोचा था कि उन्हें रोका जा सकता है।"

उन्होंने अपने काम की तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से की, जिन्हें राष्ट्रपति बनने के कुछ ही समय बाद नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ओबामा को खुद भी नहीं पता कि उन्हें वह पुरस्कार क्यों दिया गया।

ट्रंप ने कहा कि वह पुरस्कार के पीछे नहीं भागते, लेकिन उनका रिकॉर्ड देखकर लगता है कि यह सम्मान उन्हें मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता युद्ध रोकता है, तो सैद्धांतिक रूप से उसे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं कोई शेखी नहीं बघारना चाहता हूं।"

ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी उनकी तारीफ की थी। उनके अनुसार, पुतिन ने बताया कि जिन युद्धों को वे खुद दस साल में नहीं रोक पाए, उन्हें ट्रंप ने खत्म कर दिया।

ट्रंप ने साफ किया कि उनके लिए सबसे अहम बात पुरस्कार नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। परमाणु हथियारों वाले देशों के बीच तनाव को रोकना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि इससे भारी तबाही हो सकती है।

यह बयान ट्रंप ने ऐसे समय में दिया है, जब वे यूक्रेन, ईरान और दुनिया के अन्य संघर्षों को लेकर अपनी विदेश नीति का बचाव कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी नीति में लंबे सैन्य अभियानों की जगह रोकथाम और कूटनीति को प्राथमिकता दी गई है।

--आईएएनएस

 

 

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