दक्षिणी अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान बचे व‍िस्‍फोटकों में धमाका, दो हादसों में एक बच्‍चे की मौत, छह घायल

दक्षिणी अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान बचे व‍िस्‍फोटकों में धमाका, दो हादसों में एक बच्‍चे की मौत, छह घायल

काबुल, 14 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद प्रांत में शनिवार को युद्ध के बाद बचे दो विस्फोटक उपकरणों में धमाका होने से एक बच्चे की मौत हो गई और छह अन्य बच्चे घायल हो गए।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रांतीय सूचना और संस्कृति निदेशक मुल्ला अब्दुल बारी राशिद ने बताया, पहली दर्दनाक घटना शनिवार दोपहर सांगिन जिले में हुई। अधिकारियों के अनुसार, तीन मासूम बच्चों को एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली और वे उससे खेलने लगे। तभी उसमें विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए।

दूसरी घटना उसी दिन कुछ घंटों बाद उसी जिले में हुई, जिसमें चार बच्चे घायल हो गए। अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी।

अफगानिस्तान दुनिया के सबसे ज्यादा बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से प्रभावित देशों में से एक माना जाता है। पिछले चार दशकों से अधिक समय तक चले युद्ध और गृह संघर्ष के दौरान छोड़े गए ये विस्फोटक आज भी लोगों, खासकर आम नागरिकों और बच्चों, के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।

दो जून को भी पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रांतीय पुलिस कार्यालय के बयान के अनुसार, गिलान जिले में उस लड़के को एक खिलौने जैसी वस्तु मिली थी। जैसे ही वह उससे खेलने लगा, उसमें विस्फोट हो गया।

इससे पहले पांच मई को अफगानिस्तान के परवान प्रांत में बिना फटे गोला-बारूद से हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हो गए थे।

यह घटना बगराम जिले में हुई थी, जहां एक 20 वर्षीय युवक एक बिना फटे गोला-बारूद को खोलने की कोशिश कर रहा था। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट में उस युवक की मौत हो गई, जबकि दो लड़कियां और एक लड़का घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से हुए धमाकों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए।

अधिकारियों के मुताबिक, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए। इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम