क्वेटा, 8 अगस्त (आईएएनएस)। बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने पाकिस्तानी मिलिट्री पर आरोप लगाया कि वह 11 अगस्त को होने वाले बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस समारोह में रुकावट डालने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बलूच पक्के इरादे वाले लोग हैं और वो पाकिस्तानी प्रशासन के दबाव में झुकने या पूरे प्रांत में लगाई गई धारा 144 की पाबंदियों को मानने से इनकार करते हैं।
बलूचिस्तान सालाना परंपरा को जारी रखते हुए 11 अगस्त को 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने वाला है। ये बलूच मानवाधिकार समूह द्वारा इस इलाके पर पाकिस्तान के "अवैध कब्जे" के खिलाफ है।
1947 में कलात रियासत ने ब्रिटिश इंडिया के बंटवारे के बाद कुछ समय के लिए बलूचिस्तान को आजाद मुल्क घोषित किया था। उसी ऐतिहासिक दिवस को याद करते हुए बलूच अपने स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाते हैं।
1948 में पाकिस्तान ने जबरन इस इलाके पर कब्जा कर लिया और बलूच नेशनलिस्ट्स इसका लगातार विरोध करता आया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मीर ने आरोप लगाया कि “कब्जा करने वाली” पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर पाबंदियां लगाई हैं, जिसमें 7 अगस्त से 30 अगस्त तक इंटरनेट शटडाउन भी शामिल है ताकि राष्ट्रीय जश्न में बाधा डाली जा सके। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि बलूचों के पक्के इरादे के आगे पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी कोई मायने नहीं रखती।
मीर ने कहा, “बलूचिस्तान रिपब्लिक, बलूच लोगों को आतंकवादी या अलगाववादी बताने की कोशिशों को खारिज करता है। बलूच फ्रीडम फाइटर्स बलूचिस्तान के रक्षा, सुरक्षा बलों और सेना का हिस्सा हैं। इनके साथ 60 मिलियन बलूचों का भरोसा है। बलूच जनता इन सेनाओं पर भरोसा करती है क्योंकि वे एक ही मिट्टी के बेटे और बेटियां हैं और अपने देश के हितों की सेवा करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ये ताकतें पैसों के लिए नहीं लड़ रही हैं, न ही वे अशांति फैलाने या हिंसा फैलाने में लगी हैं। वे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभा रहे हैं। शांति और सुरक्षा की रक्षा करना, लोगों की रक्षा करना, और एक शांतिपूर्ण, खुशहाल और विकसित बलूचिस्तान की नींव रखना इनका मकसद है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि बलूच हथियारबंद ग्रुप्स के ऑपरेशन्स का मकसद “पाकिस्तान के कथित आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करना और यहां से निकालना” है, जिन्हें वे बलूचिस्तान में “अस्थिरता, असुरक्षा और हिंसा” के लिए जिम्मेदार मानते हैं।
विश्व बिरादरी से बलूचिस्तान के लोगों की “आकांक्षाओं और फैसले” को सुनने और मानने की अपील करते हुए, मीर ने कहा, “हमारा मानना है कि बलूच ही बलूचिस्तान के असली मालिक हैं और उन्होंने अपने देश को विदेशी पाकिस्तानी कब्जे से आजाद कराने का फैसला किया है।”
--आईएएनएस
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