'रिश्ते सुधारने का सुनहरा मौका', ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर बोले नेता

'रिश्ते सुधारने का सुनहरा मौका', ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर बोले नेता

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस बयान के बाद कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं, कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे पश्चिम एशिया में हुए संघर्ष के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को फिर से मजबूत करने और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का अच्छा मौका बताया।

ऑस्ट्रेलिया इंडिया स्ट्रैटेजिक अलायंस के चेयरमैन जगविंदर सिंह विर्क ने रुबियो के बयान को 'बहुत अहम घटनाक्रम' बताया।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "युद्ध के बाद दुनिया भर में देशों के रिश्ते फिर से तय हो रहे हैं। पिछले एक-दो साल में अमेरिका के रिश्तों में सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोप और फ्रांस जैसे कई देशों के साथ भी तनाव देखने को मिला है।"

उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी देश भारत को नजरअंदाज करने की गलती नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा, "जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल भारत आएंगे, तो दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करने का यह एक बेहतरीन मौका होगा।"

पूर्व जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने भी इसी तरह की बात कही।

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के रिश्तों में कुछ तनाव आया है। खासकर जब से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने हैं, तब से हालात बदले हैं। इससे पहले दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी थी।"

उन्होंने आगे कहा, "ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही थी और हाल ही में जब उन्होंने दूसरे देशों पर 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया, तब भारत के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की भी बात की। यानी उन्होंने भारत को अलग से निशाना बनाया।"

पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की अमेरिका की ओर से की गई तारीफ का जि‍क्र करते हुए एसपी वैद ने कहा, "इससे भी दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ा है। लेकिन मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय की तारीफ करता हूं कि उन्होंने धैर्य बनाए रखा।"

भाजपा सांसद बृज लाल ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप का भारत में स्वागत है। अमेरिका आज भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। जब वह भारत आएंगे, तब जो व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, उसे आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।"

इस बीच, मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से एक वैश्विक शक्ति बन रहा है और दुनिया के बड़े फैसलों में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

रुबियो के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या वे भी प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारत की अर्थव्यवस्था की इस अमेरिकी सराहना से सहमत हैं।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, "कम से कम उन्हें सोशल मीडिया पर यह तो कहना चाहिए था कि वे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की अर्थव्यवस्था की अमेरिका की ओर की गई तारीफ का समर्थन करते हैं।"

वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार भारत का बाज़ार अमेरिका के हवाले कर रही है।

भारत और अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते का जि‍क्र करते हुए उन्होंने कहा, "इससे भारत की अर्थव्यवस्था और किसानों को नुकसान होगा, जबकि अमेरिका की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा। ऐसे में वे हमारी तारीफ क्यों नहीं करेंगे?"

--आईएएनएस

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