रोमानिया ने रूसी राजनयिक को किया निष्कासित, ड्रोन घुसपैठ पर जताया कड़ा विरोध

रोमानिया ने रूसी राजनयिक को किया निष्कासित, ड्रोन घुसपैठ पर जताया कड़ा विरोध

बुखारेस्ट, 27 जुलाई (आईएएनएस)। रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया क‍ि बुखारेस्ट में मौजूद रूसी दूतावास के एक सदस्य को देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। उसे 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया गया है और पांच दिनों के भीतर रोमानिया छोड़ने को कहा गया है।

विदेश मंत्री ओना-सिल्विया तोइयू के निर्देश पर रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने रूस के राजदूत को अपने मुख्यालय में बुलाया।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर बताया कि यह कदम 24 से 26 जुलाई 2026 के बीच रोमानिया के हवाई क्षेत्र में बार-बार हुए उल्लंघनों के जवाब में उठाया गया। इस दौरान रोमानियाई सशस्त्र बलों ने तीन ऐसे ड्रोन गिराए, जो बिना अनुमति के देश की सीमा में दाखिल हुए थे। मंत्रालय के अनुसार, सरकारी जांच में पुष्टि हुई है कि रोमानियाई इलाके में नष्ट किए गए ड्रोन के टुकड़े रूसी मूल के थे। बैठक के दौरान रूसी राजदूत को इन ड्रोन के कुछ हिस्से भी दिखाए गए।

रोमानियाई पक्ष ने इन घटनाओं पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह 'गैरकानूनी और गैर-जिम्मेदाराना' कार्रवाई है। उसने यह भी कहा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी साफ तौर पर रूस की है।

मंत्रालय ने कहा कि रूस की ओर से रोमानिया के हवाई क्षेत्र का लगातार उल्लंघन करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उसने याद दिलाया कि रोमानिया का हवाई क्षेत्र नाटो और यूरोपीय संघ (ईयू) के हवाई क्षेत्र का भी हिस्सा है। रोमानिया ने कहा कि इन गंभीर घटनाओं और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति खराब होने के लिए रूस पूरी तरह जिम्मेदार है।

इसके अलावा, रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने रूस में तैनात अपने राजदूत को भी सलाह-मशवरे के लिए वापस बुला लिया है।

मंत्रालय ने कहा कि रोमानिया अपने नाटो और यूरोपीय संघ के सहयोगियों के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई तय करेगा। उसने कहा कि देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इससे पहले मई में रोमानिया के कॉन्स्टेंटा बंदरगाह में एक समुद्री ड्रोन खुद विस्फोट कर गया था। हालांकि, इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं थी। एक अन्य घटना में एक ड्रोन गालाती शहर में एक रिहायशी इमारत की छत पर गिर गया था, जिससे आग लग गई थी।

उस घटना के बाद रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान ने कॉन्स्टेंटा में रूस के वाणिज्य दूतावास को बंद करने और वहां के कॉन्सुलेट जनरल को अवांछित व्यक्ति घोषित करने का फैसला किया था। यह फैसला देश की सर्वोच्च रक्षा परिषद की बैठक के बाद लिया गया था, जिसमें गालाती में ड्रोन गिरने की घटना के प्रभावों पर चर्चा हुई थी।

--आईएएनएस

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