काबुल, 30 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में पाकिस्तान की ओर से किए हए हवाई हमलों की दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कड़ी निंदा की है। इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 36 नागरिकों की मौत हो गई जबकि 163 लोग घायल हो गए।
तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोमवार को हमले में हुई जनहानि का अपडेट दिया। उन्होंने मृतकों और घायलों की संख्या बताते हुए कहा कि इस हमले में तीन मकान पूरी तरह नष्ट हो गए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हिंसा रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि सभी पक्ष अपने मतभेदों का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से करें और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करते हुए नागरिकों एवं नागरिक बुनियादी ढांचे की हर हाल में रक्षा करें।
अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने भी पुष्टि की कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। मिशन ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सावधानी, भेदभाव और संतुलित बल प्रयोग के सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता दोहराई और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने भी तत्काल तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की। यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनुवार एल अनौनी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक रिचर्ड बेनेट ने भी महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों के हताहत होने पर चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान की सुरक्षा चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में संबोधित करने, संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, अफगानिस्तान के लिए ब्रिटेन के विशेष दूत रिचर्ड लिंडसे ने भी जारी हिंसा और लगातार हो रही जनहानि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और तनाव कम करने का आह्वान किया।
इस बीच, अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को काबुल स्थित पाकिस्तान दूतावास के प्रभारी (चार्जे डी'अफेयर्स) को तलब कर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन और नागरिक घरों पर बमबारी "अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और किसी भी संप्रभु राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।"
मंत्रालय ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पाकिस्तान बिना किसी ठोस सबूत के अपनी आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक विफलताओं का दोष वर्षों से अफगानिस्तान पर मढ़ता रहा है तथा बल प्रयोग और सैन्य कार्रवाई के जरिए समस्याओं का समाधान खोजने की असफल नीति अपनाता रहा है।
--आईएएनएस
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