नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे को भविष्योन्मुखी बताया है। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने एक बयान में इस दौरे की अहमियत और तय कार्यक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों और स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम रॉबर्ट फीको के आमंत्रण पर वो 13-18 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी का वक्तव्य जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा, "फ्रांस हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण में एक विशेष स्थान रखता है। इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान हमारे संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया गया था। मैं नीस (फ्रांसीसी शहर) में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करूंगा, जहां हम फरवरी से अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य की सहयोग योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही, हम आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।"
नीस में ही प्रधानमंत्री 14 जून 2026 को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर ‘भारत इनोवेट्स’ का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन “इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन” के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के उभरते स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ना और देश के उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले नवाचारों को बढ़ावा देना है।
तय कार्यक्रमानुसार इसके बाद पीएम स्लोवाक गणराज्य की दो दिवसीय (14-15 जून) राजकीय यात्रा पर रवाना होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह वर्ष 1993 में स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। ब्रातिस्लावा में मैं राष्ट्रपति पीटर पेलीग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से वार्ता करूंगा और स्लोवाकिया के उद्योग जगत की हस्तियों से भी मुलाकात करूंगा। यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में चल रही प्रगति को और गति देगी।"
पीएम ने आगे बताया, "स्लोवाकिया से मैं एवियन जाऊंगा, जहां मैं 16 और 17 जून को होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा। भारत की उपस्थिति जी7 में हमारे साझेदारों के विश्वास और वैश्विक भूमिका को दर्शाती है। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को जी7 में आमंत्रित किया गया है। इस मंच पर भारत न केवल अपने विचार रखेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज को भी आगे बढ़ाएगा।"
18 जून 2026 को प्रधानमंत्री पेरिस में वीवा टेक 2026 कार्यक्रम में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ शामिल होंगे। यह यूरोप का प्रमुख तकनीकी और नवाचार मंच है, जहां इस बार भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा। यह भारत और यूरोप के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। पीएम ने कहा, "मैं पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मिलने की प्रतीक्षा कर रहा हूं, जो दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाते हैं।"
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई है कि यह दौरा भारत के यूरोप और जी7 के साथ बढ़ते संबंधों को मजबूत करेगा तथा वैश्विक साझेदारियों के विस्तार की साझी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगा।